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स्वतंत्रता दिवस

बच्चों के लिए स्वतंत्रता दिवस पर बाल कविताएँ

15 अगस्त पर कविता हिंदी में
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आज हम आपके लिए 15 अगस्त पर कविता लेकर आए है। वैसे तो दुनिया में अलग अलग विषय पर बहुत सारी कविता है लेकिन यकीन मानिए 15 अगस्त पर कविता को पढ़ने का आनंद ही कुछ और है। 15 अगस्त के शुभ अवसर पर लोगों को अपने देशवासियों को 15 अगस्त की दिल को छु लेने वाली कविता जरुर शेयर करें।

15 अगस्त कविता को बच्चे अपने स्कूल और कॉलेज में 15 अगस्त के दिन इन कविताओं को बोल कर सब का दिल जित सकते है और लोगों को देश प्रेम के प्रति जागरूक करा सकते हैं। बड़े बुजुर्ग लोगों को 15 August Poem पढ़ने में अलग तरह का आनंद आता है, लोगों को उनके आजादी के इस त्यौहार की कद्र होती है, उन्हें पता है कि आजादी का त्यौहार लोगों के दिलों को छु लेता है।

वैसे तो एक बात कहूँ आज 15 अगस्त है दिल में पतंग उड़ाने के लिए तो ढेर सारी उमंग आ रही होंगी लेकिन जरा इन 15 अगस्त की कविताओं पर भी एक नजर दे दीजिये।

बच्चों के लिए 15 अगस्त पर कविता हिंदी में

15 August Independence Day Best Poem 2020 निम्नलिखित है।

वैसे तो बहुत ही कविता 15 अगस्त के दिन के लिए लिखी जाती है और कविताओं का प्रयोग विद्यालयों आदि में किया जाता है ठीक उसी तरह बहुत से महान कवि जो की अपने देश से प्रेम को दिखाते है और 15 अगस्त की खुशी में दिल को छु जाने वाली कविताओं का वर्णन करते है।

HindiParichay.com पर आपको 15 अगस्त से संबंधित बहुत सी कविताओं का प्रयोग किया गया, मुझे बहुत कवियों के नाम नहीं पता आदि आपको पता है तो जरूर बताएं। मैं शुक्रगुजार हूँ उन सभी लेखकों और कवियों का जो अपने देश की शान में दिलों को चीर देने वाली देशभक्ति कविता लिखते है।

Hindi Poem on Independence Day of India

⇒1.

आओ सब मिल कर पतंग उड़ायें, हो जाये सब मस्त,
भेद भाव ना कोई रखें, आ गयी है 15 अगस्त,
रंग बिरंगी , नीली पिली , पतंग है लहराती,
काली काली घटाए भी, अबी इसमें छुप जाती है,
हरे भगवे रंग से रंगा असमान लगे प्यारा,
हमें गर्व है भारत पे, जो देश है हमारा,
चुमों मट्टी को जिसमे यमुना सरस्वती ओर गंगा,
झूमे नाचे अब लहराते रहे हमारा प्यारा तिरंगा...

Poem on Independence Day in Hindi For Class 1 To 12

⇒2.

15 अगस्त 1947 को हो गए थे आजाद हम,
आजादी के 69 साल बाद भी क्या,
समझ पाए आजादी का मतलब हम,
पहले ब्रिटिश शासन के तहत,
जकड़े थे गुलामी के बेड़ियों में,
आज संविधान लागू होने के बाद भी,
जाति-पाति के कारण हो गए हैं,
अपने ही देश में गुलाम हम,
पहले रंग-भेद के जरिए गोरों ने हमको बाँटा था,
आज हमारे अपनो ने ही,
बाँट दिए जातिवाद और धर्मवाद के नाम पर हम,
जो भारत पहचान था कभी,
एकता, अखण्डता और विविधता का,
वो भारत ही झेल रहा है दंश अब आन्तरिक खंडता का,
बाँधा था जिन महान देशभक्त नेताओं ने,
अपने बलिदानों से एकता के सूत्र में हमें,
अपने ही कर्मों से अब उनकी आत्माओं को,
दे रहे हैं लगातार त्राश हम,
जातिवाद, आरक्षण और धर्मवाद ने,
बुद्धि हमारी को भ्रमाया है,
राजनेताओं ने अपने हित की खातिर,
हमको आपस में लड़वाया है,
बहुत हुआ सर्वनाश अपना,
कुछ तो खुद को समझाओं अब,
देश पर हुए शहीदों की खातिर,
समझो आजादी का मतलब अब।
जय हिन्द, जय भारत।

-वन्दना शर्मा।

Short Poem on 15 August in Hindi | 15 अगस्त पर कविता

⇒3.

15 अगस्त का दिन है आया: स्वतंत्रता दिवस का पावन अवसर है:
स्वतंत्रता दिवस का पावन अवसर है,
विजयी-विश्व का गान अमर है।
देश-हित सबसे पहले है,
बाकि सबका राग अलग है।
स्वतंत्रता दिवस का............................।
आजादी के पावन अवसर पर,
लाल किले पर तिरंगा फहराना है।
श्रद्धांजलि अर्पण कर अमर ज्योति पर,
देश के शहीदों को नमन करना है।
देश के उज्ज्वल भविष्य की खातिर,
अब बस आगे बढ़ना है।
पूरे विश्व में भारत की शक्ति का,
नया परचम फहराना है।
अपने स्वार्थ को पीछे छोड़ककर,
राष्ट्रहित के लिए लड़ना है।
बात करे जो भेदभाव की,
उसको सबक सिखाना है।
स्वतंत्रता दिवस का पावन अवसर है,
विजयी विश्व का गान अमर है।
देश हित सबसे पहले है,
बाकी सबका राग अलग है।।
........जय हिन्द जय भारत।

-वन्दना शर्मा।

स्वतंत्रता दिवस पर बाल कविता हिंदी में

⇒4.

15 अगस्त का दिन है आया,
लाल किले पर तिरंगा है फहराना,
ये शुभ दिन है हम भारतीयों के जीवन का,
सन् 1947 में इस दिन के महान अवसर पर,
वतन हमारा आजाद हुआ था,
न जाने कितने अमर देशभक्त शहीदों के बलिदानों पर,
न जाने कितने वीरों की कुर्बानियों के बाद,
हमने आजादी को पाया था,
भारत माता की आजादी की खातिर,
वीरों ने अपना सर्वश लुटाया था,
उनके बलिदानों की खातिर ही,
दिलानी है भारत को नई पहचान अब,
विकास की राह पर कदमों को,
बस अब यूं-ही बढ़ाते हैं जाना,
खुद को बनाकर एक विकसित राष्ट्र,
एक नया इतिहास है बनाना,
जाति-पाति, ऊँच-नीच के भेदभाव को है मिटाना,
हर भारतवासी को अब अखंडता का पाठ है सिखाना,
वीर शहीदों की कुर्बानियों को अब व्यर्थ नहीं है गवाना,
राष्ट्र को बनाकर उज्ज्वल भविष्य अब,
भारतीयों को आजादी का अर्थ है समझाना।।
......जय हिन्द, जय भारत।

-वन्दना शर्मा।

देशभक्ति पर सर्वश्रेष्ठ कविताएँ | 15 अगस्त पर कविता

⇒5.

हम नन्हें-मुन्ने हैं बच्चे,
आजादी का मतलब नहीं है समझते।
इस दिन पर स्कूल में तिरंगा है फहराते,
गाकर अपना राष्ट्रगान फिर हम,
तिरंगे का सम्मान है करते,
कुछ देशभक्ति की झांकियों से
दर्शकों को मोहित है करते
हम नन्हें-मुन्ने हैं बच्चे,
आजादी का अर्थ सिर्फ यही है समझते।
वक्ता अपने भाषणों में,
न जाने क्या-क्या है कहते,
उनके अन्तिम शब्दों पर,
बस हम तो ताली है बजाते।
हम नन्हें-मुन्ने है बच्चे,
आजादी का अर्थ सिर्फ इतना ही है समझते।
विद्यालय में सभा की समाप्ति पर,
गुलदाना है बाँटा जाता,
भारत माता की जय के साथ,
स्कूल का अवकाश है हो जाता,
शिक्षकों का डाँट का डर,
इस दिन न हमको है सताता,
छुट्टी के बाद पतंगबाजी का,
लुफ्त बहुत ही है आता,
हम नन्हें-मुन्ने हैं बच्चे,
बस इतना ही है समझते,
आजादी के अवसर पर हम,
खुल कर बहुत ही मस्ती है करते।।
...................भारत माता की जय।

-वन्दना शर्मा।
15 August Poem in Hindi
⇒6.

आपसी कलह के कारण से।
वर्षों पहले परतंत्र हुआ।।
पन्द्रह अगस्त सन् सैंतालीस।
को अपना देश स्वतंत्र हुआ।।

उन वीरों को हम नमन करें।
जिनने अपनी कुरबानी दी।।
निज प्राणों की परवाह न कर।
भारत को नई रवानी दी।।

उन माताओं को याद करें।
जिनने अपने प्रिय लाल दिए।।
मस्तक मां का ऊंचा करने।
को उनने बड़े कमाल किए।।

बिस्मिल, सुभाष, तात्या टोपे।
आजाद, भगत सिंह दीवाने।।
सिर कफन बांधकर चलते थे।
आजादी के यह परवाने।।

देश आजाद कराने को जब।
पहना केसरिया बाना।
तिलक लगा बहनें बोली।
भैया, विजयी होकर आना।।

माताएं बोल रही बेटा।
बन सिंह कूदना तुम रण में।।
साहस व शौर्य-पराक्रम से।
मार भगाना क्षणभर में।।

दुश्मन को धूल चटा करके।
वीरों ने ध्वज फहराया था।।
जांबाजी से पा विजयश्री।
भारत आजाद कराया था।।

स्वर्णिम इतिहास लिए आया।
यह गौरवशाली दिवस आज।।
श्रद्धा से नमन कर रहा है।
भारत का यह सारा समाज।।

जय हिन्द हमारे वीरों का।
सबसे सशक्त शुभ मंत्र हुआ।।
पन्द्रह अगस्त सन् सैंतालीस।
को अपना देश स्वतंत्र हुआ।

- रामकिशोर शुक्ल "विशारद"
Independence Day Poem in Hindi 2020
पन्द्रह अगस्त देश की शान है
यह मेरे देश का अभिमान है
गर्व होता है इस दिन पर मुझे
यही मेरी आन यही मेरा पहचान है

देश की आजादी के लिए
शहीदों ने प्राण गवाएं
उन शहीदों की शहादत का
पन्द्रह अगस्त सम्मान है

न भूलना कभी इस दिन को
यह देश की पहचान है
स्वतन्त्रता दिवस के नाम से
प्रसिद्ध देश की शान है

लेखक: सुरेन्द्र महरा

हम वन्दना शर्मा जी और अन्य लेखकों को धन्यवाद देना चाहेंगे जिन्होंने अपनी वेबसाइट/YouTube पर इतनी अच्छी कविता हम सबके साथ पब्लिश करी है।

15 अगस्त पर कविता को भारत में शेयर कंरने पर आपको देशभक्ति का मौका मिलेगा, लोगों को अपने जीवन में ऐसा मौक़ा बार बार नहीं मिलता है तो मेरे प्यारे देश भक्तो इस कविता को ज्यादा से ज्यादा आप फेसबुक, व्हाट्सएप्प, ट्विटर इत्यादि पर शेयर जरुर करें।

“धन्यवाद”

About the author

Hindi Parichay Team

हमारी इस वेबसाइट को पड़ने पर आप सभी का दिल से धन्यवाद, HindiParichay.com में आपको दुनिया भर के प्रसिद्ध लोगों की जानकारी मिलेगी और यदि आपको किसी स्पेशल व्यक्ति की जानकारी चाहिए और किसी कारण वो हमारी वेबसाइट पे न मिले तो कमेंट बॉक्स में लिख दें हम जल्द से जल्द आपको जानकारी देंगे।

5 Comments

  • घायल पड़ा शेर है, फिर भी जज़्बा कमाल का है
    जेल में सड़ी गली रोटियाँ है फिर भी आज़ादी की बिंगुल बजा रहा है
    पानी को तरसा है पर खून में उफ़ान है
    ऐसे शहीदों को हम देशवासियो का नमन बारम्बार है।

  • Vandana Sharma ji aap na bhoot achhi poem likhe ha.✌✌👌🏿👌🏿👌🏿👌🏿👌🏿👌🏿👌🏿

    • देश की लाज बचाने को, अपनी जान गवाई है।
      खा कर गोली सीने में,अपनी कसम निभायी है,
      जिनको ये भारतवर्ष,अपने लहू से ज्यादा प्यारा है।
      ऐसे उन वीर सपूतों को,शत-शत नमन हमारा है।।

      भारत माँ की रक्षा के लिये,अपना कर्तव्य निभाया है,
      मातृभूमि के गौरव पर, न्यौछावर उनकी काया है।
      जिनको परिवार से ज्यादा, ये देश ,तिरँगा प्यारा है।
      ऐसे उन वीर सपूतों को, शत-शत नमन हमारा है।।

      लथपथ पड़े जमीं पर, भारत माँ की जय बोली हैं,
      जिनके सिंहनाद से सहमी, धरती फिर से डोली हैं।
      जिनके जज्बे को करता सलाम,देखो ये भारत सारा है।
      ऐसे उन वीर सपूतों को, शत-शत नमन हमारा है।।

      🇮🇳🇮🇳जय हिन्द ,जय भारत🇮🇳🇮🇳

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