Top 15 Poem on Independence Day in Hindi For Students

Heart Touching Desh Bhakti Poem on Independence Day in Hindi

नमस्कार प्रिय देशभक्तों, आज के इस लेख में मैं आपके लिए बहुत सारी 15 अगस्त पर कविता लेकर आया हूँ उम्मीद करता हूँ कि आपको ये सभी स्वतंत्रता दिवस पर कविताएं अच्छी लगेंगी.

मेरी सभी Independence Day Poem in Hindi सोशल साइट से निकली हुई है इन कविताओं में मेरी अपनी कोई भी कविता नहीं है।

जिन कवि लोगों ने ये महान स्वतंत्रता दिवस पर कविताएं लिखी है मैं उनका आभारी हूँ और उनको दिल से धन्यवाद करता हूँ।

Independence Day Poems in Hindi का सबसे बेस्ट कलेक्शन है मेरे पास, कृपया करके खुद भी इन Desh Bhakti Poem in Hindi का आनंद लें और औरों के साथ भी शेयर करें।

Poem onIndependence Day in Hindi का बेस्ट कलेक्शन छोटे और बड़ों के लिए उनकी जरूरत के अनुसार लिखे गए हैं.

छोटे बच्चे इन कविताओं का प्रयोग 15 अगस्त के समारोह में कर सकते हैं और बड़े लोग जिनके पास समय प्राप्त रूप से नहीं होता है वो इन देशभक्ति कविताओं का प्रयोग अपने किसी भी देशभक्ति समारोह में कर सकते हैं.

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Short Poem on Independence Day in Hindi For Class 1, 2 To 10


#1. Inspirational Desh Bhakti Poem in Hindi

हम नन्हें-मुन्ने हैं बच्चे,
आजादी का मतलब नहीं है समझते।

इस दिन पर स्कूल में तिरंगा है फहराते,
गाकर अपना राष्ट्रगान फिर हम,
तिरंगे का सम्मान है करते,
कुछ देशभक्ति की झांकियों से
दर्शकों को मोहित है करते
हम नन्हें-मुन्ने हैं बच्चे,
आजादी का अर्थ सिर्फ यही है समझते।

वक्ता अपने भाषणों में,
न जाने क्या-क्या है कहते,
उनके अन्तिम शब्दों पर,
बस हम तो ताली है बजाते।

हम नन्हें-मुन्ने है बच्चे,
आजादी का अर्थ सिर्फ इतना ही है समझते।

विद्यालय में सभा की समाप्ति पर,
गुलदाना है बाँटा जाता,
भारत माता की जय के साथ,
स्कूल का अवकाश है हो जाता,
शिक्षकों का डाँट का डर,
इस दिन न हमको है सताता,
छुट्टी के बाद पतंगबाजी का,
लुफ्त बहुत ही है आता,
हम नन्हें-मुन्ने हैं बच्चे,
बस इतना ही है समझते,
आजादी के अवसर पर हम,
खुल कर बहुत ही मस्ती है करते।।

भारत माता की जय।

-वन्दना शर्मा।


Best Patriotic Poem For Independence Day in Hindi Language

#2. Bharat Desh Ki Aazadi Ki Kavita

बच्चा-बच्चा बन जाए सैनिक, गर बुरी नजर दुश्मन डाले
हस्ती उसकी मिलाएं खाक में, करे कभी जो हमला वे
भाईचारा रखें परस्पर, अमन चैन का नारा हो
सद्भावना, शांति रखें दिलों में, जाति, धर्म का न बंटवारा..
बनें पहिए प्रगति के रथ के,सबसे आगे बढ़ते जाएं
कर दें रौशन नाम जहां में, देश का अपने मान बढ़ाएं
आजादी की वर्षगांठ की ,छटा निराली बढ़ती जाए
खुशहाली के फूल हों बिखरे,खुश्बू से चमन महकाएं
आओ आज़ादी दिवस मनाएं, आओ आज़ादी दिवस मनाएं…


15 August Independence Day Poem in Hindi For Class 5 To 12

#3. बच्चों के लिए स्वतंत्रता दिवस पर कविता

हम बच्चे हँसते गाते हैं,
हम आगे बढ़ते जाते हैं।

पथ पर बिखरे कंकड़ काँटे,
हम चुन चुन दूर हटाते हैं।

आयें कितनी भी बाधाएँ,
हम कभी नही घबराते हैं।

धन दौलत से ऊपर उठ कर,
सपनों के महल बनाते हैं।

हम खुशी बाँटते दुनिया को,
हम हँसते और हँसाते हैं।

सारे जग में सबसे अच्छे,
हम भारतीय कहलाते हैं।

~Dr. Parshuram Shukla


Hindi Poem on Independence Day of India

#4. Inspiring Poem on 15th August in Hindi

नमो, नमो, नमो।
नमो स्वतंत्र भारत की ध्वजा, नमो, नमो!

नमो नगाधिराज – शृंग की विहारिणी!
नमो अनंत सौख्य – शक्ति – शील – धारिणी!
प्रणय – प्रसारिणी, नमो अरिष्ट – वारिणी!
नमो मनुष्य की शुभेषणा – प्रचारिणी!
नवीन सूर्य की नई प्रभा, नमो, नमो!

हम न किसी का चाहते तनिक अहित, अपकार।
प्रेमी सकल जहान का भारतवर्ष उदार।

सत्य न्याय के हेतु, फहर-फहर ओ केतु
हम विचरेंगे देश-देश के बीच मिलन का सेतु
पवित्र सौम्य, शांति की शिखा, नमो, नमो!

तार-तार में हैं गुँथा ध्वजे, तुम्हारा त्याग!
दहक रही है आज भी, तुम में बलि की आग।
सेवक सैन्य कठोर, हम चालीस करोड़
कौन देख सकता कुभाव से ध्वजे, तुम्हारी ओर
करते तव जय गान, वीर हुए बलिदान,
अंगारों पर चला तुम्हें ले सारा हिंदुस्तान!
प्रताप की विभा, कृषानुजा, नमो, नमो!

~ रामधारी सिंह ‘दिनकर’


Best Poem on Independence Day in Hindi For Kids

#5. Mera Pyara Desh Poem on Independence Day in Hindi

आज तिरंगा लहराता है अपनी पूरी शान से।
हमें मिली आज़ादी वीर शहीदों के बलिदान से।।

आज़ादी के लिए हमारी लंबी चली लड़ाई थी।
लाखों लोगों ने प्राणों से कीमत बड़ी चुकाई थी।।

व्यापारी बनकर आए और छल से हम पर राज किया।
हमको आपस में लड़वाने की नीति अपनाई थी।।

हमने अपना गौरव पाया, अपने स्वाभिमान से।
हमें मिली आज़ादी वीर शहीदों के बलिदान से।।

गांधी, तिलक, सुभाष, जवाहर का प्यारा यह देश है।
जियो और जीने दो का सबको देता संदेश है।।

प्रहरी बनकर खड़ा हिमालय जिसके उत्तर द्वार पर।
हिंद महासागर दक्षिण में इसके लिए विशेष है।।

लगी गूँजने दसों दिशाएँ वीरों के यशगान से।
हमें मिली आज़ादी वीर शहीदों के बलिदान से।।

हमें हमारी मातृभूमि से इतना मिला दुलार है।
उसके आँचल की छैयाँ से छोटा ये संसार है।।

हम न कभी हिंसा के आगे अपना शीश झुकाएँगे।
सच पूछो तो पूरा विश्व हमारा ही परिवार है।।

विश्वशांति की चली हवाएँ अपने हिंदुस्तान से।
हमें मिली आज़ादी वीर शहीदों के बलिदान से।।

– सजीवन मयंक


Independence Day 15 August Poem in Hindi For School Students

#6. Independence Day Kavita in Hindi

हम तो आज़ाद हुए लड़कर पर
आज़ादी के बाद भी लड़ रहे है
पहले अंग्रेजो से लड़े थे
अब अपनों से लड़ रहे है
आज़ादी से पहले कितने
ख्वाब आँखों में संजो रखे थे
अब आजादी के बाद वो
ख्वाब ,ख्वाब ही रह गए है
अब तो अंग्रेज़ी राज और
इस राज में फर्क न लगे
पहले की वह बद स्थिति
अब बदतर हो गई है…


Best Poem on 15 August in Hindi Language

#7. Celebration Poem on Freedom of India in Hindi

ये कैसी आज़ादी है,
हर तरफ बर्बादी है,
कही दंगे तो कही फसाद है,
कही जात पात तो कही,
छुवा छूत की बीमारी है|

हर जगह नफरत ही नफरत,
तो कही दहशत के अंगारे है,
क्या नेता क्या वर्दी वाले,
सभी इसके भागीदारी है…


15 अगस्त पर कविताएँ – स्वतंत्रता दिवस पर कविताएँ

#8. Patriotic Poem on I love My Nation in Hindi

चंदन है इस देश की माटी तपोभूमि हर ग्राम है
हर बाला देवी की प्रतिमा बच्चा बच्चा राम है || ध्रु ||

हर शरीर मंदिर सा पावन हर मानव उपकारी है
जहॉं सिंह बन गये खिलौने गाय जहॉं मॉं प्यारी है
जहॉं सवेरा शंख बजाता लोरी गाती शाम है
हर बाला देवी की प्रतिमा बच्चा बच्चा राम है || 1 ||

जहॉं कर्म से भाग्य बदलता श्रम निष्ठा कल्याणी है
त्याग और तप की गाथाऍं गाती कवि की वाणी है
ज्ञान जहॉं का गंगाजल सा निर्मल है अविराम है
हर बाला देवी की प्रतिमा बच्चा बच्चा राम है || 2 ||

जिस के सैनिक समरभूमि मे गाया करते गीता है
जहॉं खेत मे हल के नीचे खेला करती सीता है
जीवन का आदर्श जहॉं पर परमेश्वर का धाम है
हर बाला देवी की प्रतिमा बच्चा बच्चा राम है ||

कर गयी पैदा तुझे उस कोख का एहसान है
सैनिकों के रक्त से आबाद हिन्दुस्तान है
तिलक किया मस्तक चूमा बोली ये ले कफन तुम्हारा
मैं मां हूं पर बाद में, पहले बेटा वतन तुम्हारा

धन्य है मैया तुम्हारी भेंट में बलिदान में
झुक गया है देश उसके दूध के सम्मान में
दे दिया है लाल जिसने पुत्र मोह छोड़कर
चाहता हूं आंसुओं से पांव वो पखार दूं
ए शहीद की मां आ तेरी मैं आरती उतार लूं…


Desh Bhakti Kavita in Hindi For Class 10

#9. Short Independence Day Poem for Kids in Hindi

अगर आजादी को बचाना चाहते हो, तो देश के लिए लहू बहाना होगा
जो देश की खातिर जीते-मरते हैं, उनके आगे अपना शीश झुकाना होगा
जो चाहते हो, जय हिन्द का नारा बुलंद रहे, तो तुम्हें सुभाष बन जाना होगा…………
अगर अकबर को उसकी औकात दिखानी है, तो खुद को प्रताप बनाना होगा………………
मुगलों से लोहा लेना है, तो शिवाजी बनकर आना होगा
गौरी को मौत की नींद सुलानी है, तो पृथ्वीराज सा बाण चलाना होगा
अगर अंग्रेजों के छक्के छुड़ाने हो, तो लक्ष्मीबाई बन जाना होगा…………………….
कभी मंगल, कभी भगत, तो कभी आजाद बनकर धरती में आना होगा…………………..
जाति धर्म देखे बिना, देशद्रोहियों को अपने हाथों से मिटाना होगा
नई पीढ़ी को अभिमन्यु सा, गर्भ में देशभक्ति का पाठ पढ़ाना होगा
तुम्हें व्यक्तिवाद छोड़कर राष्ट्रवाद अपनाना होगा………………………
हर व्यक्ति में भारतीय होने का स्वाभिमान जगाना होगा………………………..
लोकतंत्र को स्त्तालोलुपों से मुक्त कराना होगा
देशभक्ति को भारत का सबसे बड़ा धर्म बनाना होगा
वीरता की परम्परा को आगे बढ़ाना होगा……………………….
हर भारतीय को देश के लिए जीना सिखाना होगा………………………………

– अभिषेक मिश्र


Short Desh Bhakti Poem in Hindi – Poem on Desh Bhakti in Hindi

#10. 15th August Poetry on Independence Day in Hindi

आजादी का दीप

14 अगस्त की शाम लिखा मैने
क्या आजादी का दीप जलेगा कभी
जो जले थे कभी वो भी बुझ गए
अगर सरकारें करती रहीं मक्कारी
तो न सुधरेगी जनता की बदहाली
ऐसे मे आजादी का दीप जलेगा कभी
कब तक लुटेगी बेटी की आबरु
क्या न मिलेंगी बेटी को आजादी
ऐसे मे आजादी का दीप जलेगा कभी
कब तक रहेगी अब बेरोजगारी
क्या अब न मिटेगी गरीबी कभी
ऐसे मे आजादी का दीप जलेगा कभी

– राम राज कुशवाहा


Desh Bhakti Poem in Hindi For Kids – Patriotic Poems in Hindi

#11. Short Poem on India for Whatsapp Group in Hindi

नौजवान आओ रे

नौजवान आओ रे, नौजवान गाओ रे ।।
लो क़दम बढ़ाओ रे, लो क़दम मिलाओ रे ।।
ऐ वतन के नौजवान, इक चमन के बागवान ।
एक साथ बढ़ चलो, मुश्किलों से लड़ चलो ।
इस महान देश को नया बनाओ रे ।।

नौजवान…
धर्म की दुहाइयाँ, प्रांत की जुदाइयाँ ।
भाषा की लड़ाइयाँ, पाट दो ये खाइयाँ ।
एक माँ के लाल, एक निशां उठाओ रे ।।
नौजवान…

एक बनो नेक बनो, ख़ुद की भाग्य रेखा बनो ।
सर्वोदय के तुम हो लाल, तुमसे यह जग निहाल ।
शांति के लिए जहाँ को तुम जगाओ रे ।।
नौजवान…

माँ निहारती तुम्हें, माँ पुकारती तुम्हें ।
श्रम के गीत गाते जाओ, हँसते मुस्कराते जाओ ।
कोटि कण्ठ एकता के गान गाओ रे ।।
नौजवान…
– बालकवि वैरागी


Poem on Independence Day in Hindi For Students

#12. Patriotic Poem on 15th August in Hindi

प्यारे भारत देश
प्यारेभारत देश
गगन-गगन तेरा यश फहरा
पवन-पवन तेरा बल गहरा
क्षिति-जल-नभ पर डाल हिंडोले
चरण-चरण संचरण सुनहरा
ओ ऋषियों के त्वेष
प्यारे भारत देश।।

वेदों से बलिदानों तक जो होड़ लगी
प्रथम प्रभात किरण से हिम में जोत जागी
उतर पड़ी गंगा खेतों खलिहानों तक
मानो आँसू आये बलि-महमानों तक
सुख कर जग के क्लेश
प्यारे भारत देश।।

तेरे पर्वत शिखर कि नभ को भू के मौन इशारे
तेरे वन जग उठे पवन से हरित इरादे प्यारे!
राम-कृष्ण के लीलालय में उठे बुद्ध की वाणी
काबा से कैलाश तलक उमड़ी कविता कल्याणी
बातें करे दिनेश
प्यारे भारत देश।।

जपी-तपी, संन्यासी, कर्षक कृष्ण रंग में डूबे
हम सब एक, अनेक रूप में, क्या उभरे क्या ऊबे
सजग एशिया की सीमा में रहता केद नहीं
काले गोरे रंग-बिरंगे हममें भेद नहीं
श्रम के भाग्य निवेश
प्यारे भारत देश।।

वह बज उठी बासुँरी यमुना तट से धीरे-धीरे
उठ आई यह भरत-मेदिनी, शीतल मन्द समीरे
बोल रहा इतिहास, देश सोये रहस्य है खोल रहा
जय प्रयत्न, जिन पर आन्दोलित-जग हँस-हँस जय बोल रहा,
जय-जय अमित अशेष
प्यारे भारत देश।।

– माखनलाल चतुर्वेदी (Makhanlal Chaturvedi Ki Desh Bhakti Rachnaye)


Independence Day Poem in Hindi – Patriotic Poem in Hindi

#13. Best Indian Patriotic Poems in Hindi Fonts

लाल रक्त से धरा नहाई,
श्वेत नभ पर लालिमा छायी,
आजादी के नव उद्घोष पे,
सबने वीरो की गाथा गायी,
गाँधी ,नेहरु ,पटेल , सुभाष की,
ध्वनि चारो और है छायी,
भगत , राजगुरु और , सुखदेव की
क़ुरबानी से आँखे भर आई ||

ऐ भारत माता तुझसे अनोखी,
और अद्भुत माँ न हमने पाय ,
हमारे रगों में तेरे क़र्ज़ की,
एक एक बूँद समायी .
माथे पर है बांधे कफ़न ,
और तेरी रक्षा की कसम है खायी,
सरहद पे खड़े रहकर,
आजादी की रीत निभाई…


Poem on Patriotism in Hindi – Poem on Independence Day in Hindi

#14. Independence Day Poem in Hindi

जब भारत आज़ाद हुआ था|
आजादी का राज हुआ था||
वीरों ने क़ुरबानी दी थी|
तब भारत आज़ाद हुआ था||
भगत सिंह ने फांसी ली थी|
इंदिरा का जनाज़ा उठा था||
इस मिटटी की खुशबू ऐसी थी
तब खून की आँधी बहती थी||
वतन का ज़ज्बा ऐसा था|
जो सबसे लड़ता जा रहा था||
लड़ते लड़ते जाने गयी थी|
तब भारत आज़ाद हुआ था||
फिरंगियों ने ये वतन छोड़ा था|
इस देश के रिश्तों को तोडा था||
फिर भारत दो भागो में बाटा था|
एक हिस्सा हिन्दुस्तान था||
दूसरा पाकिस्तान कहलाया था|
सरहद नाम की रेखा खींची थी||
जिसे कोई पार ना कर पाया था|
ना जाने कितनी माये रोइ थी,
ना जाने कितने बच्चे भूके सोए थे,
हम सब ने साथ रहकर
एक ऐसा समय भी काटा था||
विरो ने क़ुरबानी दी थी
तब भारत आज़ाद हुआ था||


Conclusion – निष्कर्ष

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धन्यवाद…!

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