गणतंत्र दिवस

Republic Day Speech in Hindi For School Students & Teachers

गणतंत्र दिवस 26 जनवरी पर भाषण हिंदी में

शीर्षक : Republic Day Speech in Hindi For Teacher.

जय हिन्द दोस्तों, आज मैं आपको 26 जनवरी का भाषण बताने जा रहा हूँ| इस भाषण को पढ़ने के बाद आप कहीं भी इन भाषण का प्रयोग कर सकते हैं| 26 जनवरी के भाषण को आप विद्यालय, कॉलेजों समारोह आदि जैसी जगह पर प्रयोग करते हैं.

आज के समय में बहुत लोग आते हैं| 80% करीब लोग रहते हैं जिनके पास किसी भी समारोह आदि में जाने का समय नहीं हो पाता इसीलिए वह ज्यादा भागीदार नहीं हो पाते हैं|

उन्ही सबको देखते हुए उनके लिए अथवा आपकी जरूरत को समझते हुए 26 जनवरी पर सबसे अच्छा भाषण लिखा है| इस भाषण को 100, 250, 300, 400, 500, और 800 शब्दों में लिखा गया है उम्मीद करूंगा की आपको यह लेख बहुत अच्छा लगेगा और यदि आपको 26 जनवरी का भाषण अच्छा लगे तो कृपया करके शेयर जरूर करें.

गणतंत्र दिवस के दिन लोगों को लाल किले पर होने वाले समारोह को देखना बहुत पसंद होता है| वे लोग या तो टीवी पर देखते हैं या डायरेक्ट लाल किले जाकर ही देखते हैं|

लाल किले पर लाखों लोगों की तादाद एकत्रित होती है जिस समय प्रधानमंत्री भी वहां पर ध्वजारोहण के लिए प्रस्तुत होते हैं| 26 जनवरी का इतिहास बहुत मायने रखता है इसलिए इस दिन को राष्ट्रीय दिवस कहा जाता है.

गणतंत्र दिवस के लिए भाषण लिखना वा बोलना बहुत ही गर्व की बात है क्योंकि आज के इतने व्यस्त समय में किसी के पास समय नहीं होता की वह अपने देश को भी दे पाए, बहुत ही दुख की बात है लेकिन कोई बात नहीं 26 जनवरी का छोटा भाषण निम्नलिखित प्रस्तुत है, बड़े भाषण तक आपके लिए प्रस्तुत है तो पढ़िये और शेयर कीजिए.

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Republic Day Speech in Hindi For Kid 100 Words

Republic Day Speech in Hindi For School Students

नमस्कार मेरे प्रिय अध्यापकगण व मित्रों| आज के शुभ अवसर पर मैं आप सभी के सामने 26 जनवरी की कुछ पंक्तियाँ प्रस्तुत करने जा रहा हूँ उम्मीद करूंगा की आपको यह अच्छी लगेंगी.

15 अगस्त 1947 से ही भारत एक लोकतांत्रिक देश है| 1947 में 15 अगस्त को ब्रिटिश शासन से भारत को स्वतंत्रता प्राप्त हुई जिसे हम स्वतंत्रता दिवस के रुप में मनाते हैं.

सन् 1950 से 26 जनवरी को हम गणतंत्र दिवस मनाते हैं| भारत का संविधान 26 जनवरी 1950 में लागू हुआ, इसलिये हम इस दिन को हर साल गणतंत्र दिवस के रुप में मनाते हैं.

2019 में इस वर्ष, हम भारत का 70 वां गणतंत्र दिवस मना रहें हैं|

आप हम सभी लोग बहुत किस्मत वाले है जिन्होंने भारत जैसे देश में जन्म लिया है| “जय हिन्द जय भारत”.

बच्चों के लिए गणतंत्र दिवस पर भाषण हिंदी में 250 शब्द

बच्चों के लिए गणतंत्र दिवस पर भाषण हिंदी में

नमस्कार मेरे प्रिय अध्यापकगण व मित्रों आज के शुभ अवसर पर मैं आप सभी के सामने 26 जनवरी की कुछ पंक्तियां प्रस्तुत करने जा रहा हूँ उम्मीद करूंगा की आपको यह अच्छी लगेंगी.

जैसे की आप सभी को पता है हमारा भारत आजाद हुए 73 साल हो चुके हैं आज हमारे भारत में सभी गर्व के साथ अपना सिर उठा कर चलते हैं और उन्हें कोई जोर दबाव भी नहीं है.

15 अगस्त 1947 से ही भारत एक लोकतांत्रिक देश है| 1947 में 15 अगस्त को ब्रिटिश शासन से भारत को स्वतंत्रता प्राप्त हुई जिसे हम स्वतंत्रता दिवस के रुप में मनाते हैं.

सन् 1950 से 26 जनवरी को हम गणतंत्र दिवस मनाते हैं| भारत का संविधान 26 जनवरी 1950 में लागू हुआ, इसलिये हम इस दिन को हर साल गणतंत्र दिवस के रुप में मनाते हैं| 2019 में इस वर्ष, हम भारत का 70 वां गणतंत्र दिवस मना रहें हैं.

गणतंत्र का अर्थ है देश में रहने वाले लोगों की सर्वोच्च शक्ति और सही दिशा में देश के नेतृत्व के लिये राजनीतिक नेता के रुप में अपने प्रतिनीधि चुनने के लिये केवल जनता के पास अधिकार है|

लेकिन मैं कुछ पंक्तियां में ये भी कहना चाहूंगा की भारत की रक्षा के लिए न जाने कितने वीर सैनिकों ने सेनानियों ने अपनी जान गवाई है और शहीद हुए हैं| हमें उनकी कुर्बानी की कदर करनी चाहिए|

हम सभी को गर्व होना चाहिए की हम भारत जैसे देश में जन्मे है हमें इस मिट्टी की रक्षा करनी चाहिए| “जय हिन्द जय भारत”

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Speech on Republic Day in Hindi For College Students 300 Words

26 January Republic Day Speech in Hindi For School Teachers

नमस्कार मेरे प्रिय अध्यापकगण व मित्रों आज के शुभ अवसर पर मैं आप सभी के सामने 26 जनवरी की कुछ पंक्तियां प्रस्तुत करने जा रहा हूँ उम्मीद करूंगा की आपको यह अच्छी लगेंगी.

15 अगस्त 1947 में आजादी के बाद से ही भारत एक स्व-शासित देश है| सन् 1947 में 15 अगस्त को भारत को ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता प्राप्त हुई जिसकी वजह से हम 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के रुप में मनाते हैं.

सन् 1950 से 26 जनवरी को हम गणतंत्र दिवस मनाते हैं। भारत का संविधान 26 जनवरी 1950 में लागू हुआ, इसीलिए हम इस दिन को हर साल गणतंत्र दिवस के रुप में मनाते हैं|

2019 में इस वर्ष, हम भारत का 70 वां गणतंत्र दिवस मना रहें हैं|

एक देश में गणतंत्र का अर्थ है देश में रहने वाले लोगों की सर्वोच्च शक्ति है| सही अर्थ में देश के नेतृत्व के लिये राजनीतिक नेता के रुप में अपने प्रतिनीधि चुनने के लिये केवल जनता के पास अधिकार है| इसी कारण भारत एक गणतंत्र देश है जहाँ जनता अपना नेता प्रधानमंत्री के रुप में चुनती है.

भारत में “पूर्ण स्वराज” के लिये हमारे महान भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों ने बहुत संघर्ष किया| उन्होंने अपने प्राणों की आहूति दी जिससे उनके आने वाली पीढ़ी को कोई संघर्ष न करना पड़े और वो देश को आगे लेकर जाएँ.

भारत देश के महान नेता और स्वतंत्रता सेनानी महात्मा गांधी, भगत सिंह, चन्द्रशेखर आजाद, लाला लाजपत राय, सरदार वल्लभ भाई पटेल, लाल बहादुर शास्त्री आदि हैं|

भारत को एक आजाद देश बनाने के लिए इन लोगों ने अंग्रेजों के खिलाफ़ लगातार विरोध किया| अपने देश के लिए हम इनके समर्पण को त्याग को कभी नहीं भूल सकते हैं|

हमें ऐसे महान अवसरों पर इन्हें याद करते हुए सलामी देनी चाहिए| इस स्वतंत्रता के लिए कभी उन स्वतंत्रता सेनानियों को भुलाया नहीं जा सकता है हम सभी भारतवाशियों को उन लोगों की कुर्बानियों की कदर करनी चाहिए|

“जय हिन्द जय भारत”

राष्ट्रगान : जन गण मन अधिनायक जय हे, भारत भाग्य विधाता !

26 January Republic Day Speech in Hindi For School Teachers 400 Words

गणतंत्र दिवस का इतिहास और महत्व

मेरे सभी आदरणीय अध्यापकगण, मेरे सभी प्रिय मित्रों आज में बहुत ही खुश हूँ| ये कहते हुए की आज मेरे देश को गणतंत्र देश हुए 70 साल हो गए हैं और ये हमारे देश के लिए बहुत ही गर्व की बात है.

हमारी मात्रभूमि हमारा भारत ब्रिटिश शासन के अधीन था| बड़े ही संघर्ष के बाद बड़े बड़े त्याग दिये गए हैं जिनकी जितनी तारीफ की जाए उतनी ही कम है.

26 जनवरी एक त्यौहार के रूप में मनाया जाता है क्योंकि यह किसी से कम नहीं| 26 जनवरी को भारत का संविधान लागू हुआ था| आज संविधान ही सर्वोपरि है सविधान पर पूरा भारत चल रहा है, संविधान में मानव अधिकार के साथ साथ अन्य बहुत से कानून नियम है.

हम सभी भारतियों को सविधान नजरअंदाज नहीं करना है भारत की स्वतंत्रता जिस तरह बहुत ही कीमती है ठीक उसी तरह संविधान का होना भी बहुत जरूरी है.

भारत की स्वतंत्रता होने के बाद 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हो गया था| भारत में लोकतंत्र राजतंत्र स्थापित है और भारत विकसित देशों में आता है.

भारत एक लोकतांत्रिक देश है जहां देश के नेतृत्व के लिये अपने नेता को चुनने के लिये जनता अधिकृत है| डॉ राजेन्द्र प्रसाद जी भारत के पहले राष्ट्रपति थे। 1947 में ब्रिटिश शासन से जब से हमने स्वतंत्रता प्राप्त की है, हमारे देश ने बहुत विकास किया है और हमारा देश ताकतवर देशों में गिना जाने लगा है.

विकास के साथ, कुछ कमियाँ भी खड़ी हुई हैं जैसे असमानता, गरीबी, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, अशिक्षा आदि| अपने देश को विश्व का एक बेहतरीन देश बनाने के लिये समाज में ऐसे समस्याओं को सुलझाने के लिये हमें आज प्रतिज्ञा लेने की बहुत जरूरत है.

डॉ राजेन्द्र प्रसाद का कहना था की “एक संविधान और एक संघ के क्षेत्राधिकार के तहत हमने इस विशाल भूमि के संपूर्ण भाग को एक साथ प्राप्त किया है जो यहाँ रहने वाले 320 करोड़ पुरुष और महिलाओं से ज़्यादा के लोक-कल्याण के लिये जिम्मेदारी लेता है”.

लेकिन बेहद शर्म की बात है की आज हमारा देश कहीं कहीं अपराध, भ्रष्टाचार और हिंसा आतंकवाद, चोरी दंगे, हड़ताल आदि में भी आगे हैं|

फिर से, ऐसी गुलामी से देश को बचाने के लिये हमें अपने सामाजिक मुद्दों जैसे गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, ग्लोबल वार्मिंग, असमानता आदि से अवगत रहना चाहिये.

आप सभी से अनुरोध है की आप कृपया करके पीछे न रहे देश को बढ़ाएँ, शिक्षा फैलाएँ, बेरोजगारी हटाएँ, क्योंकि भारत को विकसित करना है तो आगे बढ़ना ही पड़ेगा कुछ न कुछ करना ही पड़ेगा.

Republic Day Speech in Hindi Language – रिपब्लिक डे स्पीच इन हिंदी फॉर टीचर्स 500 शब्द

Happy Republic Day Images Download

मेरे सभी अदरणीय अध्यापकगण, मेरे शिक्षकगण, मेरे वरिष्ठ और मेरे प्रिय मित्रों को सुभह का नमस्कार…!

आज बेहद ही खास अवसर है जिसके बारे में मैं आपको बताने जा रहा हूँ लेकिन उससे पहले में आप सभी का धन्यवाद कहना चाहूँगा की आप सभी नें मुझे ये 26 जनवरी पर भाषण देने का अवसर दिया और आप सभी यहाँ आए.

आज हम सभी भारत का 70वां गणतन्त्र मनाने जा रहे हैं| भारत का गणतंत्र दिवस बहुत ही खास दिन है| भारत के आजादी के बाद ढाई साल के बाद ही इस त्यौहार को मनाया जाने लगा है.

सन् 1947 में 15 अगस्त को आजादी हुई थी| ठीक ढाई साल बाद 26 जनवरी 1947 को भारत में गणतंत्र दिवस मनाने की विधि शुरू हो गयी| 26 जनवरी के दिन भारत का संविधान स्थापित किया गया था.

ये बात तो बच्चे बच्चे को पता है की भारत पहले ब्रिटिश शासकों के अधीन था| भारत के स्वतंत्रता सेनानियों ने बहुत बड़े संघर्ष के बाद भारत को आजाद कराया था| अब भारत पूरी तरह आजाद है और यहाँ पर संविधान लागू हो चुका है.

भारत सोने की चिड़िया है भारत में भारत की जनता ही भारत की शासक है | भारत में अन्य देशों से ज्यादा प्रेम भरा है| भारत किसी भी देश से किसी भी मामले में कम नहीं है.

भारत एक लोकतांत्रिक देश है हालांकि यहाँ की जनता ही यहाँ की शासक है| इस देश में रहने वाले हर एक नागरिक के पास बराबर का अधिकार है, भारत में बिना वोट इलेक्शन के कोई भी मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री नहीं बन सकता है| देश को सही दिशा में नेतृत्व प्रदान करने के लिये हमें अपना सबसे अच्छा प्रधानमंत्री या कोई भी दूसरा नेता चुनने का हक है.

हमारे नेता को अपने देश के पक्ष में सोचने के लिये पर्याप्त दक्षता होनी चाहिये| देश के सभी राज्यों, गाँवों और शहरों के बारे में उसको एक बराबर सोचना चाहिये जिससे नस्ल, धर्म, गरीब, अमीर, उच्च वर्ग, मध्यम वर्ग, निम्न वर्ग, अशिक्षा आदि के बिना किसी भेदभाव के भारत एक अच्छा विकसित देश बन सकता है.

भारत की राजधानी दिल्ली में गणंतंत्र दिवस पर विशेष आयोजन होते हैं| देश के प्रधानमंत्री द्वारा इंडिया गेट पर शहीद ज्योति का अभिनंदन करने के साथ ही उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए जाते हैं.

26 जनवरी के दिन विशेष रूप से दिल्ली के विजय चौक से लाल किले तक होने वाली परेड आकर्षण का प्रमुख केंद्र होती है, जिसमें देश और विदेश के गणमान्य जनों को आमंत्रित किया जाता है.

इस परेड में तीनों सेना के प्रमुख राष्ट्रपति को सलामी दी जाती है एवं सेना द्वारा प्रयोग किए जाने वाले हथियार, प्रक्षेपास्त्र एवं शक्तिशाली टैंकों का प्रदर्शन किया जाता है एवं परेड के माध्यम से सैनिकों की शक्ति और पराक्रम को बताया जाता है.

गांव से लेकर शहरों तक, राष्ट्रभक्ति के गीतों की गूंज सुनाई देती है और प्रत्येक भारतवासी एक बार फिर अथाह देशभक्ति से भर उठता है.

इस दिन आयोजि कार्यक्रमों में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थ‍ियों का सम्मान एवं पुरस्कार वितरण भी किया जाता है और मिठाई वितरण भी विशेष रूप से होता है| बच्चों में इस दिन को लेकर बेहद उत्साह होता है.

आप सभी के लिए » गणतंत्र दिवस पर शायरी – भारत माता की जय, वन्दे मातरम्.

26 January Speech in Hindi For School Teacher – 26 जनवरी पर भाषण हिंदी में 500 शब्द

Few Lines on Republic Day in Hindi

हमारे सम्मानीय प्रधानाचार्य, अध्यापक, अध्यापिकाएं, और मेरे सभी सहपाठियों को मेरा आज का सुबह का नमस्कार…!

आज के इस शुभ अवसर पर गणतंत्र दिवस के उपलक्ष में मैं आपके सभी के सामने गणतंत्र दिवस पर भाषण दे रहा/रही हूँ|

मैं अपने कक्षा अध्यापक का बहुत आभारी हूँ कि उन्होंने मुझे गणतंत्र दिवस के इस महान अवसर पर अपने विचार रखने का मौका दिया.

हम इस राष्ट्रीय उत्सव को प्रत्येक वर्ष संविधान निर्माण की याद और इसके सम्मान में मनाते है। ये सभी स्कूलों और कॉलेजों में शिक्षक और विद्यार्थियों द्वारा मनाया जाता है, यहाँ तक की पूरे देश के सभी राज्यों के सरकारी कार्यालयों और अन्य संस्थानों में भी मनाया जाता है| वैसे तो इस दिन सरकारी अवकाश होता है.

मुख्य कार्यक्रम, भारत के राष्ट्रपति और दूसरे देश के आमंत्रित मुख्य अतिथि के सामने राष्ट्रीय राजधानी, नई दिल्ली, राजपथ, इंडिया गेट पर झांकियों के प्रदर्शन, ध्वजारोहण के साथ होता है.

एक बहुत ही प्रभावशाली समारोह परेड भारत के लिये अपनी कृतज्ञता प्रदर्शित करने के लिये राजपथ पर आयोजित की जाती है| ये प्रत्येक वर्ष होता है जिसकी तैयारियां बहुत पहले से होने लगती है.

हमारे भारत का संविधान 1950 में अस्तित्व में आया था वैसे तो संविधान सभा के द्वारा 26 नवम्बर 1949 को ग्रहण किया गया था| 26 जनवरी को, 1930 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के द्वारा भारत को पूर्ण स्वराज्य घोषित किया गया था यही कारण है कि 26 जनवरी को ही भारत के संविधान को लागू करने के लिये चुना गया.

संविधान के लागू होने पर, भारतीय संघ, आधिकारिक रुप से इसी समय से भारत गणतंत्र राज्य हो गया जिसने भारतीय सरकार अधिनियम 1935 को मौलिक सरकार कागजातो से प्रतिस्थापित कर दिया.

हमारा देश संविधान के द्वारा समप्रभु, धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी और लोकतांत्रिक गणतंत्र घोषित कर दिया गया| हमारा संविधान भारत के नागरिकों के बीच न्याय, स्वतंत्रता और सम्मान को सुनिश्चित करता है.

हमारे संविधान का प्रारुप संविधानिक सभा (389 सदस्य) द्वारा बनाया गया था| इसके निर्माण में लगभग तीन साल (वास्तव में, 2 साल, 11 महीने और 18 दिन) लगे थे| संविधान सभा के द्वारा 1947 में, 29 अगस्त को, डॉ. भीम राव अम्बेडकर की अध्यक्षता में प्रारुप समिति का निर्माण किया था.

प्रारूप समिति के मुख्य सदस्य डॉ. भीम राव अम्बेडकर, जवाहर लाल नेहरु, गणेश वासुदेव मालवंकर, सी. राजगोपालाचार्य जी, संजय पाखे, बलवंत राय मेहता, सरदार वल्लभभाई पटेल, कन्हैया लाल मुंशी, राजेन्द्र प्रसाद, मौलाना अब्दुल कलाम आजाद, नलिनी रंजन घोष, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और संदीप कुमार पटेल थे.

प्रारूप समिति के सभी सदस्यों में से लगभग तीस से ज्यादा सदस्य अनुसूचित जनजाति से थे| समिति की कुछ महत्वपूर्ण महिलाएं सरोजिनी नायडू, राजकुमारी अमृत कौर, दुर्गा देवी देशमुख, हंसा मेहता और विजय लक्ष्मी पंड़ित थी| भारत का संविधान नागरिकों को खुद की सरकार चुनने के लिये अधिकार देता है.

भारत को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली थी, और संविधान को ग्रहण करने के बाद ये पूरी तरह से लोकतांत्रिक और गणतंत्र बना था.

राष्ट्रीय राजधानी में, राष्ट्रीय तिरंगे को 21 तोपो की सलामी के साथ फहराया जाता है और इसके बाद राष्ट्रगान जन-गण-मन गाया जाता है|

भारत के राष्ट्रपति और मुख्य अतिथि के सामने भारतीय सेना के द्वारा आयोजित की जाती है| स्कूल के बच्चे भी परेड में भाग लेकर नृत्य और गाने के माध्यम से अपनी कलात्मकता को प्रदर्शित करते हैं.

भारत की विविधता में एकता दिखाने के लिये ये राजपथ पर राज्यों के अनुसार झांकियों को शामिल करता है|

धन्यवाद… “जय हिन्द जय भारत”

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भारतीय गणतंत्र दिवस का महत्व और निबंध

हमारे आदरणीय प्रधानाचार्य जी, शिक्षक महोदय, मेरे सभी मित्रों आप सभी को मेरी और से आज की सुभह का नमस्कार और हमारे विश्वविद्यालय के गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में आप सब का तहे दिल से स्वागत है.

आज हम सब यहां गणतंत्र दिवस के इस खास अवसर को मनाने के लिए इकठ्ठा हुए हैं और मैं अपनी अध्यापिका जी को बहुत बहुत धन्यवाद कहना चाहूँगा की उन्होने मुझे गणतंत्र दिवस पर भाषण देने का अवसर दिया| गणतंत्र दिवस के इस विशेष अवसर में मैं आप सभी के सामने हमारे इस राष्ट्रीय पर्व पर दो शब्द कहने की अनुमति चाहूँगा.

हमारा विश्वविद्यालय काफी विशाल है इसमें कई सारे विषयों के संस्थान और कक्षाएं संचालित होती हैं| इसलिए यह संभव ही नही है कि आप सब मुझे जानते भी हों, तो इसलिए आपकी जानकारी के लिए मैं बता दूं की मेरा नाम शानू है और मैं बी.कॉम. द्वितीय वर्ष का छात्र हूँ|

वैसे तो आप सभी बखूबी जानतें है कि गणतंत्र दिवस का यह अवसर हमारे लिए काफी खास है और इसके उपलक्ष्य में हमारे विश्वविद्यालय में कई प्रकार के सांस्कृतिक, देशभक्ति तथा मनोरंजक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है.

मुझे नही लगता की ये किसी को भी नहीं पता हो कि 26 जनवरी के दिन मनाये जाने वाला गणतंत्र दिवस का यह पर्व हमारे तीन राष्ट्रीय पर्वो में से एक है| 26 जनवरी का दिन बेहद ही मानने योग्य है ये राष्ट्रीय त्यौहार है जिसे सम्पूर्ण भारत मनाता है.

26 जनवरी 1950 के दिन जब हमारे देश का संविधान लागू हुआ और हमारे देश को पूर्ण रुप से स्वतंत्रता प्राप्त हुई और हमारा देश विश्व पटल पे एक गणतांत्रिक देश के रुप में स्थापित हुआ|

लेकिन आज भी आजादी के इतने वर्ष बाद भी हमारे देश में कई तरह की कुरीतियां, जाती भेदभाव, अमीरीर गरीबी और बुराइयां मौजूद है और इन समस्याओं से मुक्त हुए बिना हम अपने देश को विकसित राष्ट्रों के श्रेणी में नही पहुंचा सकते हैं|

इनमें से कुछ समस्याओं से हमारा और आपका दैनिक रुप से या फिर कभी – कभी सामना तो होता ही है जैसे कि बाल मजदूरी, दहेज प्रथा, कन्या भ्रूण हत्या, लिंग परीक्षण, सार्वजनिक संपत्तियों को क्षतिग्रस्त करना, नियमों का पालन ना करना, कानून हाथों में लेना, दिन दहाड़े चोरी मारपीट आदि.

हम सभी को पता है की हम कानून का सहारा ले सकते है लेकिन फिर भी हम इनके खिलाफ आवाज नही उठाना चाहते हैं और ऐसा करके हम ना सिर्फ इन समस्याओं को बढ़ावा देते हैं बल्कि अपने संविधान का भी निरादर करतें है.

यदि हम आज के समय में अपने देश को सर्वश्रेष्ठ बनाना चाहते है तो हमें सर्वप्रथम अपने संविधान में बतायी गयी बातों तथा इसमें उल्लेखित मूल कर्तव्यों का पालन करना होगा और अपने से छोटों को भी बताना होगा तभी जाकर हम एक अच्छे राष्ट्र का निर्माण करके, अपनी वास्तविक स्वतंत्रता को प्राप्त कर पायेंगे.

हमारे देश के संविधान निर्माताओं ने हमारे देश को एक गणतांत्रिक रुप दिया ताकि हम लोगों के बीच के भेदभाव, आर्थिक असमानता को दूर किया जा सके, जिससे सभी को बराबर अधिकार प्राप्त हों.

जब भारत ब्रिटिश शासन के अधीन था तब केवल ब्रिटीशियों की ही सुननी पड़ती थी और उनकी गुलामी में ही भारत जी रहा था और लोगों को तमाम तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता था.

हमें कभी ये भी नहीं भूलना चाहिए था की हमारे बड़ों ने हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने हमें आजादी दिलाने के लिए अपनी जान का त्याग दिया था|

आज भी सैनिकों की काफी बड़ी सेना बॉर्डर पर खड़ी है हमें उनकी इस आहुति का सम्मान करना चाहिए|

ब्रिटिश शासन में हमें अपने ही देश में दोयम दर्जे का नागरिक समझा जाता था। आम नागरिक को कोई भी अधिकार नही प्राप्त थे, सारे अधिकार सिर्फ शासकों और धनी वर्ग के लोगों के लिए थे। गरीबों को सबसे गंदा जीव माना जाता था.

इन सभी भेदभाव को खत्म करने के लिए संविधान को स्थापित किया गया था| जब हमारे देश का संविधान बनाया गया तो इसमें इस बात का ध्यान रखा गया की कानून के नजर में सब बराबर हों चाहे फिर वह एक मजदूर हो या फिर एक मिल का मालिक|

इसके साथ ही गणतंत्र दिवस वह दिन भी है, जब हमारा देश नई दिल्ली में भव्य परेड द्वारा हमारे देश के सामरिक शक्ति का प्रदर्शन भी करता है और विश्व को हमारी बढ़ती शक्ति से परिचित कराता है.

यही कारण है कि 26 जनवरी का यह दिन हमारे लिए इतना महत्वपूर्ण हैं। तो आइये इस गणतंत्र दिवस पर हम सभी मिलकर यह शपथ लें की अपने जीवन में हम कुछ ऐसा काम करेंगे कि जिससे विश्व भर में हमारे देश का नाम उंचा हो.

अब मैं अपने इस भाषण को समाप्त करते हुए, दूसरे प्रतिभागियों से निवेदन करुंगा की वह मंच पर आकर इस कार्यक्रम को आगे बढ़ायें|

मेरी बातों को ध्यान से सुनने तथा अपना बहुमूल्य समय देने के लिए आप सभी का पूरे दिल से धन्यवाद..!

तो दोस्तों मै उम्मीद करता हूँ की आपको 26 जनवरी स्पीच पढ़कर बहुत ही अच्छा लगा होगा और 26 जनवरी के शुभ अवसर को आप सभी भारतवासियों को जरूर पढ़ना चाहिए बशर्ते शेयर भी करना चाहिए|

बाकी दुनिया के कोने कोने में हमारे 26 जनवरी के महत्व के बारे में दुनिया को पता चलना चाहिए और जल्द से जल्द शेयर कीजिए|

आप 26 जनवरी के भाषण को फेसबुक व्हाट्सएप इंस्टाग्राम ट्विटर इत्यादि सोशल नेटवर्क पर शेयर कर सकते हैं| धन्यवाद “जय हिन्द जय भारत”

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