स्वतंत्रता दिवस

भारत के स्वतंत्रता दिवस पर भाषण (देशभक्ति स्पीच) भारत के महान देशवासियों के लिए

15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर भाषण

15 अगस्त के अवसर पर आप सभी को HindiParichay.com की टीम की तरफ से स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ| आज हम 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर भाषण की बात करेंगे.

हमारे लेख में बच्चे से बड़े कहीं भी जा कर जैसे स्कूल, कॉलेज आदि में भाषण दे सकते है| 15 अगस्त पर देश भक्ति भाषण देना व सुनना सबको अच्छा लगता है| इस दिन दुनिया भर में जगह-जगह पर भाषण होते है अधिकतर स्कूलों में 15 अगस्त के लिए भाषण दिया जाता है.

तो स्वतंत्रता दिवस के लिए भाषण बच्चो और बड़ों के लिए बड़े ही आसान शब्दों में लिखा गया है उम्मीद करता हूँ की आपको ये स्वतंत्रता दिवस पर भाषण अच्छा लगेगा.

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स्वतंत्रता दिवस पर भाषण – Independence Day Speech in Hindi 150 Words

Independence Day Speech in Hindi 150 Words

नमस्कार मेरे प्रिय अध्यापकों, अभिभावकों और मेरे प्यारे मित्रों..! आज मुझे बड़ी ही ख़ुशी होगी की मुझे आप सभी के सामने 15 अगस्त को अर्थात स्वतंत्रता दिवस पर भाषण देने का स्वभाग्य मिला है.

जैसा की आप सभी जानते है की कीमती चीज की कीमत केवल उसे खरीदने वाला ही जानता है, ठीक उसी तरह भारत माता की आजादी की कीमत सिर्फ हम भारतीय बखूबी जानते है.

न जाने कितने लोगों के खून से रंगी है भारत की धरती और न जाने कितने लोगों ने अपने लोगों की जाने गवाई है | हमें उन लोगों की आहुतियों को कभी भी नहीं भूलना चाहिए.

आज भी हम एक बंधी होते| न हम दिवाली मना पाते और न ही ईद | आज भी दूसरों के कर्जों को खत्म करते करते पूरी जिंदगी निकाल देते अगर हमारे पूर्वजों ने हमें आजादी न दिलाई होती.

भारत की आजादी के लिए हमें उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों को पुरे दिल से धन्यवाद करना चाहिए | आपसी बैर को ख़तम करना चाहिए.

“जय हिन्द, जय भारत, भारत माता की जय”

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15 अगस्त पर भाषण – Speech on Independence Day in Hindi 200 Words

15 August Best Speech in Hindi 350 Words

नमस्कार मेरे प्रिय अध्यापकों, अभिभावकों और मेरे प्यारे मित्रों | आज मुझे बड़ी ही ख़ुशी होगी की मुझे आप सभी के सामने आज 15 अगस्त को अर्थात स्वतंत्रता दिवस पर भाषण देने का स्वभाग्य मिला है.

जैसा की आप सभी जानते है की कीमती चीज की कीमत केवल उसे खरीदने वाला ही जानता है, उसी तरह भारत माता की आजादी की कीमत सिर्फ हम भारतीय बखूबी जानते है.

न जाने कितने लोगों के खून से रंगी है भारत की धरती और न जाने कितने लोगों ने अपने लोगों की जाने गवायीं है हमें उन लोगों की आहुतियों को कभी भी नहीं भूलना चाहिए.

आज भी हम एक बंधी होते न हम दिवाली मना पाते और न ही ईद आज भी दूसरों के कर्जों को खत्म करते करते पूरी जिंदगी निकाल देते अगर हमारे पूर्वजों ने हमें आजादी न दिलाई होती तो आज भी हम कर्ज तले दबे होते.

भारत की आजादी के लिए हमें उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों को पुरे दिल से धन्यवाद करना चाहिए.

15 अगस्त का दिन हम सभी के जीवन में एक नयी शुरुआत करने के लिए आता है हमें विश्वास दिलाता है की हम वो हर काम कर सकते है जिसे हम सोचते है जैसे की हम भारतियों के लिए आजादी की लड़ाई थी हमें इस आजादी की कीमत समझनी है अपने भारत में एकता हमेशा बनाये रखनी है.

भारत के लिए दी गयी आहुतियों को हमेशा अपने दिलों में जलाये रखना है | भारत के सभी देशवासियों को ये बात जरुर बतानी है की आज जो भी कुछ है वो हमारे स्वतंत्रता सेनानियों की वजह से है न आजादी मिली होती और न ही आज हम कुछ भी बन पाते. “धन्यवाद”

“जय हिन्द जय भारत”

भारत के स्वतंत्रता दिवस पर शायरी { 15 अगस्त } देश भक्ति मेसेज और कविता

स्वतंत्रता दिवस पर भाषण हिंदी में – 15 August Best Speech in Hindi 350 Words

Speech on Independence Day in Hindi Language

नमस्कार मेरे प्रिय अध्यापकों, अभिभावकों, सहपाठियों और यहाँ पर उपस्थित मेरे सभी मित्रों को मेरा प्रणाम|

सबसे पहले आपको मेरी तरह से स्वतंत्रता दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएँ|

200 साल ब्रिटिश शासन की गुलामी के पश्चात् 15 अगस्त 1947 के दिन हमारा भारत देश आजाद हुआ था|

मै धन्यवाद कहना चाहूँगा उस महान देशवाशियों को जिनकी बदोलत हमें स्वतंत्रता का सुख प्राप्त हुआ, अगर उस समय उन्होंने हमारे भारत देश को आजादी दिलाने के लिए संघर्ष नही किया होता तो आज भी हम अंग्रेजो की गुलामी कर रहे होते.

मै धन्यवाद कहना चाहूँगा उन सभी महान व्यक्तियों को जिनकी बदोलत आज हम भारत देश में स्वतंत्रता की सांस ले पा रहे है.

हमे उनकी आजादी को कभी नही भूलना चाहिए, जो सपना उन्होंने देखा था भारत को स्वतंत्र कराने का, एक साफ़ और अच्छा देश बनाने का तो हमे उनके सपने को पूरा करना चाहिए.

15 अगस्त का दिन हम सभी के जीवन में एक नयी शुरुआत करने के लिए आता है हमें विश्वास दिलाता है की हम वो हर काम कर सकते है जिसे हम सोचते है जैसे की हम भारतियों के लिए आजादी की लड़ाई थी.

आज भी उन दिनों की बाते सुनकर रूह काँप जाती है जब भारतियों के साथ जुल्म हुआ करते थे, आज भी उन दिनों को याद करके आँखों में आंसू आ जाते है जब हमारे पूर्वज घरों से निकलते थे और उनके घर वापस आने की उम्मीद नहीं रहती थी.

अब सब कुछ ठीक हो चुका है आज हम आजाद है आजादी के साथ साँसे ले रहे हैं | हमें अपने भारत को स्वच्छ भारत करना होगा इस आजादी की कीमत को समझना होगा | इससे पहले कोई और आये भारत पर कब्जा करे हमें अपने भारत को इतना मजबूत करना होगा की कोई भी आँख उठा कर न देख सके.

हमारे घर के लोग ख़ुशी के साथ जियें उन्हें किसी अन्य से डरने की जरुरत न हो.

⇓ आप सभी के लिए एक वाक्य पेश करना चाहूंगा ⇓

ऐ मेरे वतन के लोगों तुम खूब लगा लो नारा,
ये शुभ दिन है हम सब का लहरा लो तिरंगा प्यारा,
पर मत भूलों सीमा पर वीरों ने है प्राण गवाएं,
कुछ याद उन्हें भी कर लो जो लौट के फिर न आये…..

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भारत के स्वतंत्रता दिवस पर भाषण हिंदी में – Best Speech on 15 August in Hindi 600 Words

Best Speech on 15 August in Hindi 600 Words

आदरणीय अध्यापकों अभिभावकों और मेरे प्यारे मित्रों | आप सभी को आजादी की ढेर सारी बधाईयाँ।

स्वतंत्रता दिवस पर मेरी तरफ से आप सभी को और आपके परिवार के सदस्यों को ढेर सारी शुभकामनाएं.

आज हम भारतीय अपने भारत की सबसे बड़ी खुशी के अवसर को मनाने के लिये यहाँ आये है। स्वतंत्रता दिवस हम सभी के लिये कितना महत्व रखता है ये आप सभी जानते है।

15 अगस्त का दिन भारतीय नागरिकों के लिये बहुत महत्वपूर्ण दिन है तथा ये इतिहास में सदा के लिये सुनहरे शब्दों में लीखा जा चुका है। 15 अगस्त वो दिन है जब भारत के महान स्वतंत्रता सेनानीयों द्वारा वर्षों के कठोर संघर्ष के बाद ब्रिटीश शासन से हमें आजादी मिली.

15 अगस्त 1947 भारत की आजादी का पहला दिन था जिसकी वजह से आज भी 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है और उन
सभी महान हस्तियों को याद किया जाता है जिनके बलिदानों को कभी भुलाया नहीं जा सकता है.

उनके कर्ज को कभी चुकाया नहीं जा सकता, उनके द्वारा भारत की आजादी के लिये दी गयी अपनी आहुति को नहीं भुलाया जा सकता.

ये सभी जानते है की भारत वर्ष को ब्रिटीश शासन से 15 अगस्त 1947 में स्वतंत्रता मिली थी। आजादी के बाद ही हमें अपने राष्ट्र और मातृभूमि में सारे मूलभूत अधिकार मिले.

गुलाम भारत का इतिहास सब कुछ बयाँ करता है कि कैसे हमारे पूर्वजों ने कठोर संघर्ष किया था और फिरंगियो कें क्रूर यातनाओं को सहन किया उनकी मार को सहा.

हम यहाँ बैठ के इस बात की कल्पना भी नहीं कर सकते कि ब्रिटीश शासन से आजादी का सौदा करना कितना मुश्किल था। भारत की आजादी ने अनगिनत स्वतंत्रता सेनानीयों के जीवन का बलिदान और 1857 से 1947 तक कई दशकों का संघर्ष लिया है.

भारत की आजादी के लिये अंग्रेजों के खिलाफ सबसे पहले आवाज ब्रिटीश सेना में काम करने वाले सैनिक मंगल पांडे ने उठायी थी.

मंगल पांडे ने गाय के मांस से बने कारतूस को अपने मुंह से लगाने के लिए मना कर दिया था| मंगल पाण्डेय ने अकेले ही इस बगावत को शुरू किया था और आज उनकी महानता के झंडे फहराये जाते है.

मंगल पाण्डेय की इस आवाज के बाद कई महान स्वतंत्रता सेनानीयों ने संघर्ष किया और अपने पूरे जीवन को आजादी के लिये कुर्बान कर दिया.

हम सभी भगत सिंह, खुदीराम बोस और चन्द्रशेखर आजाद को नहीं भूल सकते जिन्होंने बहुत कम उम्र में देश के लिए अपनी जान गवाँ दी।

कैसे हम नेताजी और गांधी जी के संघर्षों को दरकिनार कर सकते है। गांधी जी एक महान व्यक्ति थे जिन्होंने भारतीयों को अहिंसा का पाठ पढ़ाया था। वो एक एकमात्र ऐसे नेता थे जिन्होंने अहिंसा के माध्यम से आजादी का रास्ता दिखाया और अंतत: लंबे संघर्ष के बाद 15 अगस्त 1947 को वो दिन आया जब भारत को आजादी मिली.

आज हर भारतीय अपने अपने घरों में बेखोफ जी रहे है | हम भारतीय बहुत भाग्यशाली है कि हमारे पूर्वजों ने हमें शांति और खुशी की धरती दी है जहाँ हम बिना डरे पूरी रात सो सकते है और अपने स्कूल तथा घर में पूरा दिन मस्ती कर सके.

हमारा देश तेजी से तकनीक, शिक्षा, खेल, वित्त और कई दूसरे क्षेत्रों में विकसित कर रहा है जोकि बिना आजादी के संभव नहीं था। परमाणु ऊर्जा में समृद्ध देशों में से एक भारत है.

ओलंपिक, कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स जैसे खेलों में सक्रिय रुप से भागीदारी करने के द्वारा हम लोग आगे बढ़ रहे है| आजादी के पहले तो हम भारतीय लोगों को कर्ज तले दबा दिया गया था.

आज हमें अपनी सरकार चुनने की पूरी आजादी है और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का उपयोग कर रहे है। हाँ, हम पूरी तरह से मुक्त है और पूरी आजादी है लेकिन हम अपने देश के प्रति जिम्मेदारीयों से मुक्त नहीं है.

देश सम्पन्न तभी होता है जब वहां के रहने वाले लोगों में एकता बनी रहे वे कभी एक दुसरे से लडाई झगड़े न करे अपने सभी छोटे और बड़े लोगों को प्यार, सम्मना दें हमें देश का जिम्मेदार नागरिक होने के नाते, किसी भी आपात स्थिति के लिये हमेशा तैयार रहना चाहिये। देश के लिए जान देने को कभी भी तैयार रहना चाहिए.

⇓ एक वाक्य भारत देशवासियों के लिए पेश करना चाहूंगा ⇓

“आजादी की कभी शाम नही होने देंगे,
शहीदों की क़ुरबानी बदनाम नही होने देंगे,
बची हो जो एक बूंद भी लहू की,
बची हो जो एक बूंद भी लहू की,
तब तक भारत माता का आंचल निलाम नही होंगे देंगे”|

दोस्तों हममे में से कई लोग शरहद पर जाकर अपने देश की रक्षा करना चाहते हैं कुछ लोग तो पूरी कोशिश करते है और कुछ लोग नकाम रह जाते है.

एक सैनिक बनने के लिए बहुत बड़ा त्याग देना पड़ता है जिसे हम अच्छी तरह से जानते है| अपना परिवार त्यागना पड़ता है, अपने माता-पिता, भाई बहन, पत्नी बच्चे आदि को हमें छोड़ना पड़ता है.

हम सैनिकों की तरह तो नहीं बन सकते लेकिन उनके लिए भगवान से अच्छी कामनाएं कर सकते है.

उपर लिखे हुए स्वतंत्रता दिवस पर भाषण आपके लिए लिखे गए है और आप इसे अपने मित्रों परिवार वालों अध्यापकों आदि को शेयर करें और उनसे भी शेयर करने को कहें ताकि कुछ लोग जो देश के प्रेम के प्रति सोये हुए हैं जाग सके और तैयार हो जाएँ ताकि अगली जित भी भारत की हो “जय भारत माता की”

भारत का स्वतंत्रता दिवस पर भाषण हिंदी में – 15 August Speech in Hindi For Teacher

15 August Speech in Hindi For Teacher

मेरे सभी माननीय अतिथिगण, मेरे प्रिंसिपल, मेरे मित्रों और सभी भारतवासी| आप सभी को 15 अगस्त की हार्दिक बधाइयाँ|

जैसा की आप सभी जानते ही है की आज का ये शुभ अवसर प्रत्येक वर्ष 15 अगस्त को आता है| इस दिन का इन्तजार प्रत्येक भारतियों को रहता है.

बच्चों से लेकर बड़े बूढो तक इस त्यौहार को बड़े ही चाव से मनाया जाता है| 15 अगस्त को सभी लोग अपने अपने तरीके से मानना पसंद करते हैं| कोई देशभक्ति गीतों से मनाता है तो कोई पतंग उड़ा कर मनाता है.

15 अगस्त का त्यौहार हे ही ऐसा की इस त्यौहार को पूरा भारत वर्ष बिना किसी जाती धर्म के भाव से मनाता है|

आज मुझे बड़ी ही ख़ुशी होगी की मै आप सभी के सामने 15 अगस्त पर भाषण बोल रहा हूँ| सभी भारतीवासी स्वतंत्रता दिवस के महत्व को बहुत अच्छी तरह से समझते हैं और बखूबी जानते हैं की ब्रिटिश शासन के अत्याचारों से अपनी आजादी वापस कैसे प्राप्त की गयी थी.

स्वतंत्रता दिवस प्रत्येक वर्ष 15 अगस्त के दिन मनाया जाता है क्योंकि 15 अगस्त 1947 को भारत एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में उभर कर सामने आया था।

सभी भारतीयों के लिए यह दिन एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण दिन होता है, इसलिए इसे हमारे देश में राष्ट्रीय अवकाश के रुप में घोषित किया गया है। सभी भारतीय प्रत्येक वर्ष इस दिन को बड़े ही उत्साह और जश्न के साथ मनाते हैं.

सन् 1858 से 1947 तक अंग्रेजों ने हमारे भारतीय उपमहाद्वीप को अपना उपनिवेश बनाया था । इसी समय अवधि को ब्रिटिश राज काल या अंग्रेजी हुकूमत का दौर कहा जाता है.

में आप को आज ये बताउंगा की कैसे हमारे देश में ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन शुरू हुआ था।

जब ईस्ट इंडिया कंपनी का भारत में आयी तो उनके द्वारा कई षड्यंत्र के तहत भारतीय नागरिकों की संम्पति और भूमि हड़प ली गयी थी औऱ रानी विक्टोरिया द्वारा इन सभी संपत्ति को शाही संपत्ति घोषित कर दिया गया.

ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना 1600 में एलिजाबेथ प्रथम के राजशाही शासन के दौरान रॉयल चार्टर के तहत हुई थी। हालांकि स्पष्ट रूप से इसका मुख्य उद्देश्य व्यापार करना था, पर अंत में इसने हमारे भारतीय उपमहाद्वीप के अधिकांश हिस्से को नियंत्रित करके इसे ब्रिटीश हूकुमत का एक उपनिवेश बना दिया।

उस समय भारतीय उपमहाद्वीपों में रहने वाले लोग रानी विक्टोरिया के अधीन अंग्रजी हूकुमत के औपनिवेशिक शासन तथा बाद में अन्य राजाओं के अधीन बन कर रह गए थे.

आजादी पाना हलवा खाने जितनी आसान बात तो बिलकुल भी नहीं थी मै आपको बता दूँ की यदि हमारे पूर्वजों ने हमारे लिए बहुत कुछ किया है और यह एक आसान काम नहीं था, लेकिन लंबे और निरन्तर प्रयासों के बाद हमने अपनी इस आजादी को हासिल किया.

सभी क्रांतिकारी जिनमे से कुछ के ही नाम मै आप को बता सकता हूँ जैसे की महात्मा गांधी, भगत सिंह, लाला लाजपत राय, सुभाष चन्द्र बोस आदि महान हस्तियों ने हमारे लिए अपना जीवन त्याग दिया था.

महात्मा गांधी जी जिन्होंने आजीवन हिंसा नीति और सशस्त्र लड़ाई माध्यम का प्रयोग करने के बजाय अपने अनुयायियों के साथ अहिंसा अभियान जैसे भूख हड़ताल, सविनय अवज्ञा जैसे आंनदोलन करके अंग्रेजी शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया.

महान क्रांतिकारियों महात्मा गाँधी जी के कठिन प्रयासों के चलते आखिरकार हमारे देश से ब्रिटिश शासन से मुक्ति मिली।

सभी भारत वासियों को ये नहीं भूलना चाहिए की आज हम जो भी कुछ बन पाए हैं उसमे सबसे बड़ा योगदान हमारे पूर्वजों का ही है| आज उन्होंने हमें आजाद नहीं करवाया होता तो आज भी शायद हम बंधी होते |

हमें उनके इस एहसान को नहीं भूलना है | आज के दिन उन सभी महान आत्माओं को श्रधांजलि देनी है| हमें यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि उनके प्रयासों और बलिदानों के कारण ही आज हम इस स्वतंत्र भारत में जीवन जी रहे हैं.

19वीं शताब्दी में, विभिन्न सलाहकार के पदो पर कई भारतीय काउंसलर नियुक्त किए गए थे। उन्हें ब्रिटिश वाइस-राय के सलाहकार के रुप में नियुक्त किया गया था। उन्होंने भारत के प्रमुख हिस्सों में शासन करना जारी रखा.

वर्ष 1892 में, इन काउंसलर के साथ-साथ अन्य भारतीय अधिकारियों को सशक्त बनाने के लिए भारतीय परिषद अधिनियम के रूप में एक कानून भी पारित किया गया था। परन्तु वे सदैव उच्च ब्रिटिश अधिकारियों के अधीन ही रहे और उन्हें सफल होने के लिये हमेशा अंग्रजो के पक्षपाती रवैये का सामना करना पड़ा.

भारत की आजादी 14 अगस्त और 15 अगस्त 1947 दोनों दिनों के बिच हुई थी| दिन के समय के बीच भारतीय स्वतंत्रा की संधि पर हस्ताक्षर किया गया था। उस समय जॉर्ज VI ब्रिटेन राजा के रूप में वहां शासन कर रहे थे और क्लेमेंट एटली उनके प्रधान मंत्री थे।

आजादी के बाद जवाहर लाल नेहरू स्वतंत्र भारत के पहले प्रधान मंत्री बने और ब्रिटेन को भारत पर अपने शासन को छोड़ना पड़ा। स्वतंत्रता के बाद अंग्रेजों का भारतीय मामलों से कुछ लेना देना नहीं रह गया.

भारत की आजादी में सभी पूर्वजों ने बहुत बड़ा योगा दिया है और हमें इस देश के नागरिक होने पर गर्व हैं।

सन् 1929 में ही आजादी की घोषणा कर दी गई थी और इस दिन को पूर्ण स्वराज का नाम दिया गया था। इसकी घोषणा भारतीय ध्वज फहराने के साथ महान स्वतंत्रता सेनानियों, महात्मा गांधी और अन्य सभी क्रांतिकारियों द्वारा की गयी थी.

भारतीयों के लिए ये एक महत्वपूर्ण क्षण था। भारत ने वर्ष 1947 में अपने आजादी को प्राप्त किया हो, लेकिन फिर भी 1950 के दशक में भारत का स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में आधिकारिक संविधान लागू किया गया.

आज आजादी की ख़ुशी में प्रत्येक भारतीय इस महत्वपूर्ण दिन को धूमधाम और उत्साह के साथ मनाते हैं। हर वर्ष हमारे देश के प्रधानमंत्री लाल किले पर भारतीय राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को फहराते है, जिसके बाद राष्ट्रीय गान प्रारंभ किया जाता है।

इसके बाद हमारे प्रधानमंत्री देश के लिए भाषण देते है जिसके बाद कार्यक्रम का शुभारंभ किया जाता है। इस दिन पूरा वातावरण अत्यंत मनोहर और शानदार होता है और कई सारे कार्यक्रम और समारोह का भी आयोजन किया जाता हैं.

स्वतंत्रता दिवस की ख़ुशी सभी ख़ुशी से अलग है आजादी से जिया हुआ एक पल भी सबसे अलग होता| हमारे देश के बहादुर सैनिक लगातार हमारे देश की रक्षा करने के लिए उग्रवादीयों और आतंकवादीयो से सीमाओं पर लड़ते हुए अपने प्राणों का बलिदान देते रहते है.

भारत की आजादी के लिए हर वर्ष बहुत से नौजवान फ़ौज में शामिल होते है आप भी कोशिश करिए और अगर नकाम भी हो जायें तो अपने भारत की सेवा में अन्य प्रकार से भी कर सकते है.

सबसे बड़ी सेवा माता-पिता की सेवा होता है भारत माता हमारी प्यारी माता है जिनकी छाँव में हम पले बड़े हैं| आज वादा करते है की उनकी तरफ देखने वाली गन्दी नजर को कभी उठने नहीं देंगे.

“जय हिन्द जय भारत”

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