मेरी प्यारी माँ पर कविताएं – Heart Touching Poems on Mom in Hindi

दोस्तों, माँ पर कविताएं लिखना इतना आसान नहीं है, मगर मै अपनी कुछ इकट्ठा की हुई माँ की कविता को आपके साथ शेयर कर रहा हूँ| उम्मीद करता हूँ की आपको माँ की ममता पर हिंदी कविता अच्छी लगे.

माँ की ममता का कोई मूल्य नहीं है| मैं आपको बता दूँ की जिन लोगों की माँ होती है वे बहुत ही भाग्यशाली होते हैं उनकी किस्मत कभी भी उनका साथ नहीं छोडती है और दुनिया की सबसे कीमती चीज माँ पिता का आशीर्वाद होता है.

जिसके पास ये है वे सबसे धनी व्यक्ति है| दोस्तों, आज मैं आपके लिए कुछ कविता लिख रहा हूँ और मै उम्मीद करता हूँ की आपको नीचे दी गई Maa Par Kavita पसंद आएगी.

तो आईये दोस्तों, अपनी प्यारी माँ के लिए कविता कॉपी करना शुरू करते है और अपनी माँ को पढ़कर सुनाते है.

माँ पर कविताएं – Hindi Poem on Mother For Class 1 To 12

प्रिय दोस्तों, अगर आपको माँ की कविताएँ का यह कलेक्शन अच्छा लगे तो इस लेख को जितना हो सके उतना फेसबुक, ट्विटर, गूगल+ और व्हाट्सएप्प पर शेयर करें जिससे बाकी सभी लोग भी अपनी माँ के लिए कविता कॉपी कर सके.

माँ पर कविताएं हिंदी पोएम

बाजुओं में खींच के आ जायेगी जैसे क़ायनात
अपने बच्चे के लिए ऐसे बाहें फैलाती है माँ…

ज़िन्दगी के सफ़र मै गर्दिशों में धुप में
जब कोई साया नहीं मिलता तब बहुत याद आती है माँ..

प्यार कहते हैं किसे, और ममता क्या चीज़ है,
कोई उन बच्चों से पूछे जिनकी मर जाती है माँ…

सफा-ए- हस्ती पे लिखती है, असूल-ए- ज़िन्दगी,
इसलिए तो मक़सद-ए- इस्लाम कहलाती है माँ..

जब ज़िगर परदेस जाता है ए नूर-ए- नज़र,
कुरान लेकर सर पे आ जाती है माँ..

लेके ज़मानत में रज़ा-ए- पाक की,

पीछे पीछे सर झुकाए दूर तक जाती है माँ…

काँपती आवाज़ में कहती है बेटा अलविदा…
सामने जब तक रहे हाथों को लहराती है माँ..

जब परेशानी में फँस जाते हैं हम परदेस में,
आंसुओं को पोंछने ख्वाबों में आ जाती है माँ..

मरते दम तक आ सका न बच्चा घर परदेस से,
अपनी सारी दुआएं चौखट पे छोड़ जाती है माँ..

बाद मरने के बेटे की खिदमत के लिए,

रूप बेटी का बदल के घर में आ जाती है माँ….I LOVE YOU माँ…

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Best Poems on Mom in Hindi – माँ पर कविता हिंदी में

मुझे उम्मीद है की ऊपर दी गई माँ पर कविताएं आपको अत्यंत पसंद आई होगी| आपको कविता कैसी लगी हमे कमेंट के माध्यम से जरुर बताये और कमेंट में अपनी माँ के लिए 1, 2 शब्द जरुर लिखे|

Emotional Poems on Mother in Hindi

मेरे सर पर भी माँ की दुवाओं का साया होगा,
इसलिए समुन्दर ने मुझे डूबने से बचाया होगा..

माँ की आघोष में लौट आया है वो बेटा फिर से..
शायद इस दुनिया ने उसे बहुत सताया होगा…

अब उसकी मोहब्बत की कोई क्या मिसाल दे,
पेट अपना काट जब बच्चों को खिलाया होगा..

की थी सकावत उमर भर जिसने उन के लिए
क्या हाल हुआ जब हाथ में कजा आया होगा
कैसे जन्नत मिलेगी उस औलाद को जिस ने
उस माँ से पैहले बीवी का फ़र्ज़ निभाया होगा…

और माँ के सजदे को कोई शिर्क ना कह दे
इसलिए उन पैरों में एक स्वर्ग बनाया होगा…

Emotional Poems on Mother in Hindi – मेरी माँ पर कविताएं

Best Poems on Mom in Hindi

मुझको हर हाल में देगा उजाला अपना,
चाँद रिश्ते में तो लगता नहीं मामा अपना…

मैंने रोते हुए पोंछे थे किसी दिन आँसू
मुद्दतों से माँ ने नहीं धोया दुपट्टा अपना…

हम परिन्दों की तरह उड़ के तो जाने से रहे,
इस जन्म में तो न बदलेंगे ठिकाना अपना
धूप से मिल गए हैं पेड़ हमारे घर के,
हम समझते थे,कि काम आएगा बेटा अपना..

सच बता दूँ तो ये बाज़ार-ए- मुहब्बत गिर जाए,
मैंने जिस दाम में बेचा है ये मलबा अपना…

आइनाख़ाने में रहने का ये इनाम मिला,,
एक मुद्दत से नहीं देखा है चेहरा अपना..

तेज़ आँधी में बदल जाते हैं सारे मंज़र
भूल जाते हैं परिन्दे भी ठिकाना अपना..

Sad Poem on Maa in Hindi For Class 1, 2, 3, 4, 5, 6, ,7 ,8, 9, 10, 11, 12

Sad Poem on Maa in Hindi For Class 1

घुटनों से रेंगते-रेंगते,
कब पैरों पर खड़ा हुआ,
तेरी ममता की छाँव में,
जाने कब बड़ा हुआ..
काला टीका दूध मलाई
आज भी सब कुछ वैसा है,
मैं ही मैं हूँ हर जगह,
माँ प्यार ये तेरा कैसा है?
सीधा-साधा, भोला-भाला,
मैं ही सबसे अच्छा हूँ,
कितना भी हो जाऊ बड़ा,

“माँ!” मैं आज भी तेरा बच्चा हूँ..

Happy Mothers Day Speech in Hindi – माँ पर कविताएं

Heart Touching Speech on Mother in Hindi

बचपन में माँ कहती थीं
बिल्ली रास्ता काटे,
तो बुरा होता है
रुक जाना चाहिए…

बचपन में माँ कहती थीं
बिल्ली रास्ता काटे,
तो बुरा होता है
रुक जाना चाहिए…

मैं आज भी रुक जाता हूँ
कोई बात है जो डरा
देती है मुझे..

यकीन मानो,
मैं पुराने ख्याल वाला हूँ नहीं …
मैं शगुन-अपशगुन को भी नहीं मानता…

मैं माँ को मानता हूँ…
मैं माँ को मानता हूँ….

दही खाने की आदत मेरी
गयी नहीं आज तक..
दही खाने की आदत मेरी
गयी नहीं आज तक..

माँ कहती थीं…
घर से दही खाकर निकल
तो शुभ होता है..

मैं आज भी हर सुबह दही
खाकर निकलता हूँ…
मैं शगुन-अपशगुन को भी नही मानता…

मैं माँ को मानता हूँ…
मैं माँ को मानता हूँ….

आज भी मैं अँधेरा देखकर डर जाता हूँ,
भूत-प्रेत के किस्से खोफ पैदा करते हैं मुझमें,
जादू , टोने, टोटके पर मैं यकीन कर लेता हूँ…

बचपन में माँ कहती थी
कुछ होते हैं बुरी नज़र लगाने वाले,
कुछ होते हैं खुशियों में सताने वाले…
यकीन मानों, मैं पुराने ख्याल वाला नहीं हूँ…
मैं शगुन-अपशगुन को भी नहीं मानता….

मैं माँ को मानता हूँ….
मैं माँ को मानता हूँ…

मैंने भगवान को भी नहीं देखा जमीन पर
मैंने अल्लाह को भी नहीं देखा
लोग कहते है,
नास्तिक हूँ मैं
मैं किसी भगवान को नहीं मानता

लेकिन माँ को मानता हूँ…
में माँ को मानता हूँ….||

Popular Hindi Poem on Maa Ki Mamta – रुला देने वाली मदर डे कविता

Popular Hindi Poem on Maa Ki Mamta

है माँ…..

हमारे हर मर्ज की दवा होती है माँ….
कभी डाँटती है हमें, तो कभी गले लगा लेती है माँ…..
हमारी आँखोँ के आंसू, अपनी आँखोँ मेँ समा लेती है माँ…..
अपने होठोँ की हँसी, हम पर लुटा देती है माँ……
हमारी खुशियोँ मेँ शामिल होकर, अपने गम भुला देती है माँ….
जब भी कभी ठोकर लगे, तो हमें तुरंत याद आती है माँ…

दुनिया की तपिश में, हमें आँचल की शीतल छाया देती है माँ…..
खुद चाहे कितनी थकी हो, हमें देखकर अपनी थकान भूल जाती है माँ….
प्यार भरे हाथोँ से, हमेशा हमारी थकान मिटाती है माँ…..
बात जब भी हो लजीज खाने की, तो हमें याद आती है माँ……
रिश्तों को खूबसूरती से निभाना सिखाती है माँ…….
लब्जोँ मेँ जिसे बयाँ नहीँ किया जा सके ऐसी होती है माँ…….
भगवान भी जिसकी ममता के आगे झुक जाते हैँ
– द्वारा कुसुम

Short Essay on Mother Day in Hindi – वो है मेरी माँ

Short Essay on Mother Day in Hindi

मेरे सर्वस्व की पहचान
अपने आँचल की दे छाँव
ममता की वो लोरी गाती
मेरे सपनों को सहलाती
गाती रहती, मुस्कराती जो
वो है मेरी माँ।

प्यार समेटे सीने में जो
सागर सारा अश्कों में जो
हर आहट पर मुड़ आती जो
वो है मेरी माँ।

दुख मेरे को समेट जाती
सुख की खुशबू बिखेर जाती
ममता की रस बरसाती जो

वो है मेरी माँ।
देवी नाँगरानी

Heart Touching Speech on Mother in Hindi – माँ पर कविताएं (माँ और भगवान)

Happy Mothers Day Speech in Hindi

माँ और भगवान
मैं अपने छोटे मुख कैसे करूँ तेरा गुणगान,
माँ तेरी समता में फीका-सा लगता भगवान..

माता कौशल्या के घर में जन्म राम ने पाया,
ठुमक-ठुमक आँगन में चलकर सबका हृदय जुड़ाया..
पुत्र प्रेम में थे निमग्न कौशल्या माँ के प्राण,
माँ तेरी समता में फीका-सा लगता भगवान..

दे मातृत्व देवकी को यसुदा की गोद सुहाई..
ले लकुटी वन-वन भटके गोचारण कियो कन्हाई,
सारे ब्रजमंडल में गूँजी थी वंशी की तान..
माँ तेरी समता में फीका-सा लगता भगवान..

तेरी समता में तू ही है मिले न उपमा कोई,
तू न कभी निज सुत से रूठी मृदुता अमित समोई..
लाड़-प्यार से सदा सिखाया तूने सच्चा ज्ञान,
माँ तेरी समता में फीका-सा लगता भगवान…

कभी न विचलित हुई रही सेवा में भूखी प्यासी..
समझ पुत्र को रुग्ण मनौती मानी रही उपासी,
प्रेमामृत नित पिला पिलाकर किया सतत कल्याण..
माँ तेरी समता में फीका-सा लगता भगवान…

‘विकल’ न होने दिया पुत्र को कभी न हिम्मत हारी,
सदय अदालत है सुत हित में सुख-दुख में महतारी..
काँटों पर चलकर भी तूने दिया अभय का दान,
माँ तेरी समता में फीका-सा लगता भगवान…

– जगदीश प्रसाद सारस्वत ‘विकल’


मेरी प्यारी माँ पर कविताएं

माँ की ममता करुणा न्यारी,
जैसे दया की चादर
शक्ति देती नित हम सबको,
बन अमृत की गागर
साया बन कर साथ निभाती,
चोट न लगने देती
पीड़ा अपने उपर ले लेती,
सदा सदा सुख देती
माँ का आँचल सब खुशियों की,
रंगा रंग फुलवारी
इसके चरणों में जन्नत है,
आनन्द की किलकारी
अदभुत माँ का रूप सलोना,
बिलकुल रब के जैसा
प्रेम के सागर सा लहराता,
इसका अपनापन ऐसा….


मेरी प्यारी माँ पर कविताएं

बहुत याद आती है माँ
जब भी होती थी मैं परेशान
रात रात भर जग कर
तुम्हारा ये कहना कि
कुछ नहीं… सब ठीक हो जाएगा ।
याद आता है…. मेरे सफल होने पर
तेरा दौड़ कर खुशी से गले लगाना ।
याद आता है, माँ तेरा शिक्षक बनकर
नई-नई बातें सिखाना
अपना अनोखा ज्ञान देना ।
याद आता है माँ
कभी दोस्त बन कर
हँसी मजाक कर
मेरी खामोशी को समझ लेना ।
याद आता है माँ
कभी गुस्से से डाँट कर
चुपके से पुकारना
फिर सिर पर अपना
स्नेह भरा हाथ फेरना ।
याद आता है माँ
बहुत अकेली हूँ
दुनिया की भीड़ में
फिर से अपना
ममता का साया दे दो माँ
तुम्हारा स्नेह भरा प्रेम
बहुत याद आता है माँ


मेरी प्यारी माँ पर कविताएं

मुझको हर हाल में बख़्शेगा उजाला अपना
चाँद रिश्ते में तो लगता नहीं मामा अपना
मैंने रोते हुएपोंछे थे किसी दिन आँसू
मुद्दतों माँ ने नहीं धोया दुपट्टा अपना
हम परिन्दों कीतरह उड़ के तो जाने से रहे
इस जनम में तो न बदलेंगे ठिकाना अपना
धूप से मिल गए हैं पेड़ हमारेघर के
हम समझते थे कि काम आएगा बेटा अपना
सच बता दूँ तो ये बाज़ार-ए-मुहब्बत गिर जाए
मैंने जिस दाम में बेचा है ये मलबा अपना
आइनाख़ाने में रहने का ये इनआम मिला
एक मुद्दत से नहीं देखा है चेहरा अपना
तेज़ आँधी में बदल जाते हैं सारे मंज़र
भूल जाते हैं परिन्दे भी ठिकाना अपना..!


कभी भी हमें अपने माँ पिता का दिल नहीं दुखाना चाहिए|

दोस्तों मै आपको इस लेख के आधार पर केवल यही कहना चाहूंगा की अपने माँ पिता को ढेर सारा प्यार दें और उनकी सेवा में लग जाएँ| दुनिया की सब चीज जीत लोगे, मगर दोस्तों माँ बाप को दुबारा नहीं जीत सकते है, उनसे बड़ा कोई नहीं हैं और उनके आशीर्वाद से आप बहुत बड़े बन सकते हो.

प्रिय दोस्तों, मुझे उम्मीद है की आपको माँ पर कविताएं का यह कलेक्शन पसंद आया होगा| माँ के इस लेख को जितना हो सके सोशल मीडिया पर शेयर जरुर करें और कमेंट के माध्यम से सभी को मदर्स डे की शुभकामनाएं दे|

अन्य भारतीय त्यौहार⇓

माँ पर कविताएँ
मेरी प्यारी माँ पर कविताएं - Heart Touching Poems on Mom in Hindi

माँ पर कविताएं लिखना इतना आसान नहीं है, मगर मै अपनी कुछ इकट्ठा की हुई माँ की कविता को आपके साथ शेयर कर रहा हूँ| उम्मीद करता हूँ की आपको माँ की ममता पर हिंदी कविता अच्छी लगे|

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33 thoughts on “मेरी प्यारी माँ पर कविताएं – Heart Touching Poems on Mom in Hindi”

  1. कहने को तो कुछ शब्द ही नही है बहुत ही सुन्दर कविताओं है माँ के सच मे पढ़ के बहुत अच्छा लगा

  2. Excellent!!!$uperb!!!!this poems is perfect!! I have not word to say about my mother because my mother is alone not my father are also like my God and goddess because my father spent all day in work or my mom help me in study.so god=my mother and my father. Thans God to give me parents like you??.love you mom Dad.

  3. ?Sabse pehle Aapko bhut bhut Dhanywaad?
    ?Jo Kavita Aapne hum Sabhi se Share Kiya hai Wo Kavita Mere Dil ko touch kar Gai or Bhut Khushi hui Hamare Dil ko Kavita Padkar?

    ?Thank You So Much Everyone?
    And
    ?Love You Maa?

  4. Mother’s day ka aapko badhai
    Mujhe ye kavita bahut bahut achha laga.
    Hamare dill ko chhu gaye
    Thank you thank you

  5. #कवि बेदर्दी# जो दर्द भरे अल्फ़ाज़ लिखते है उनकी कविता पढ़नी है सुना है उनकी कविता सबको रुला देती हैं

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