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गुड फ्राइडे और ईस्टर का इतिहास – What is Good Friday in Hindi

दोस्तों, आज हम आपको गुड फ्राइडे क्या है ? इसकी पूरी जानकारी बताने जा रहा हूँ|

आज हम आपको Good Friday के बारे में बतायेंगे| गुड फ्राइडे क्यों मनाते है ? गुड फ्राइडे के दिन क्या हुआ था ? और 2019 में गुड फ्राइडे कब है ?

Good Friday 2019 Date : 19 अप्रैल

शायद ही आपको पता हो की गुड-फ्राइडे को होली फ्राइडे (HOLI Friday), ग्रेट फ्राइडे (Great Friday) और ब्लैक फ्राइडे (BLACK Friday) के नाम से भी जाना जाता है.

दरअसल ये दिन इसाई धर्म के लोगों के लिए बहुत ही मायने रखता है जी हाँ Good Friday Festival (गुड फ्राइडे फेस्टिवल) इसाई धर्म के लोगों का त्यौहार होता है.

अब हम आपको बताएँगे की गुड फ्राइडे क्यों मनाया जाता है ? Why We Celebrate Good Friday in Hindi

गुड फ्राइडे का इतिहास – History of Good Friday in Hindi

History of Good Friday in Hindi

गुड फ्राइडे के दिन कैलवरी में ईसा मसीह को सलीब पर चढ़ाने के कारण हुई मृत्यु के उपलक्ष्य में गुड-फ्राइडे मनाया जाता है| इसाई धर्म के अनुसार ईसा मसीह भगवान के बेटे थे.

भगवान द्वारा उन्हें धरती पर भेजा गया था| ईसा मसीह को यीशु कह कर बुलाया जाता था.

दो अलग अलग वर्गों के अनुसार Good Friday का अनुमानित वर्ष 33 ई० (AD33) है और आइजीक न्यूटन ने बाइबल और जुलियन कैलंडर के बीच अंतर किया है और उस दिन चाँद के अकार के अनुसार वर्ष 34ई०(AD34) है.

गुड फ्राइडे के दिन ही ईसा मसीह को क्रॉस पर लटकाया गया था| लोगों का मानना था की ये ढोंगी हैं और ये झूठ बोलते हैं की उन्हें भगवान ने इस दुनिया में भेजा है.

लोग उनके उपदेशों को सुनते है और उनको इस दिन याद किया जाता है| ये एक शोक दिवस है जिस दिन ईसा मसीह को मृत्यु दी गयी थी.

गुडफ्राइडे बड़े संडे (Easter Sunday) से पहले आने वाले शुक्रवार को आता है|

What Happened on Good Friday in Hindi

गुड फ्राइडे के दिन यीशु को मानवता की खातिर क्रूस पर चढाया गया| गुड फ्राइडे का महत्व भगवान यीशु के बलिदान को जाहिर करता है और गुड-फ्राइडे उनकी याद में मनाया जाता है.

बेशक तरीके थोड़े अलग अलग हैं जैसे क्रिस्चन लोग इस दिन काले कपडे पहन कर चर्च जाते हैं|

Good Friday Celebration in Hindi – Good Friday History in Hindi

किस तरह गुड फ्राइडे को मनाया जाता है ? गुड-फ्राइडे एक शोक का दिन होता है, लोगों द्वारा कहा गया है की यीशु के प्राण करीब तीन बजे के आस-पास निकले थे जिस कारण इस दिन तीन घंटे तक यीशु जी के लिए प्रेयर करते हैं.

इस दिन चर्च में रोज की तरह मोमबत्ती (candle) नहीं जलाई जाती है, लोग अपनी श्रधा के अनुसार भगवान यीशु को याद करते हैं कोई बीजारोपण करता है, कोई प्रेयर करता है, कोई यीशु की किताब पढता है,

ईस्टर का इतिहास – History of Easter in Hindi

ईस्टर क्या है ? ईस्टर क्यों मानया जाता है ? ईस्टर के दिन क्या हुआ था ?

ईस्टर फेस्टिवल का इतिहास बहुत ही पुराना है, ईस्टर बसंत ऋतु में बनाया जाता है, पहले के समय में एक विद्वान् हुआ करते थे “सेंट बीड जिन्होंने भगवान यीशु मसीह के जी उठने पर ईस्टर डे माने था| ये बात आठवीं सदी की है.

Easter Egg meaning ईस्टर एक बुतपरस्त, नास्तिक (pagan) त्यौहार है ये बसंत ऋतु की बहार के साथ साथ आता है, ईस्टर बसंत ऋतू के पहले रविवार को आता है, ईस्टर का मुख्य प्रतीक एक अंडे का रूप है.

ईस्टर एक नया उत्सव, पुनर्जन्म, नयापन और धरती पर रहने वाले लोगों और हर एक प्राणी के लिए हर एक मनुष्य के लिए एक प्रेरणा का प्रतीक है.

ईस्टर का महत्व – ईस्टर अंडे का महत्व

आप अगर ये सोच रहे हैं की अंडे का क्या मतलब है इस ईस्टर से तो मैं बता दूँ, जिस तरह एक चिड़िया सबसे पहले, अपने घोसले में अंडा देती है और अंडे में से चूजा निकलता है ठीक उसी तरह अंडे को शुभ प्रतीक माना गया है.

अंडे को शुभ मानते हुए उसे सजाया जाता है और अंडे को एक शुभ संकेत मान कर लोगों के जीवन में एक बड़ा बदलाव लाया है उत्साह भरता है उमग हिम्मत और अपना जीवन नयी तरह जीना सिखाता है.

ईस्टर सेलिब्रेशन | ईस्टर का त्यौहार कैसे बनायें | Easter Festival Celebration in Hindi

हर त्यौहार की तरह इस त्यौहार को भी बड़ी ही ख़ुशी और जश्न के साथ मनाया जाता है, गॉड यीशु के जी उठने की ख़ुशी में ईस्टर सेलिब्रेशन होता है.

क्रिस्चन समुदाय के लोग इस त्यौहार को बड़ी ही ख़ुशी के साथ मानते है, इस त्यौहार में क्रिस्चन लोग आपस में तोहफा देके ख़ुशी व्यक्त करते हैं तोहफा खासकर अंडे के आकार के आते हैं.

तोहफा दे कर अलग अलग तरीके से पार्टी करके घरभोज करके मिठाइयाँ बाट कर इस त्यौहार को मनाया जाता है, और क्रिश्चयन लोग अलग-अलग तरीके से इस त्यौहार को सेलिब्रेट करना पसंद करते हैं.

कुछ विद्वानों के अनुसार ईस्टर के छियालीस दिन पहले, जिस दिन बुधवार (Wednesday) आता है उस दिन से ही ये ईस्टर शुरू हो जाता है और ईस्टर के दिन खत्म होता है.

इस सप्ताह को पवित्र सप्ताह माना जाता है, विद्वानों के अनुसार उन छियालीस दिनों में से एक गुरूवार (Thursday) को एक भविष्वाणी हुई थी की अब भगवान यीशु जी उठेंगे और हुआ भी ऐसा ही रविवार (Sunday) को भगवान यीशु जी उठे और ईस्टर का त्यौहार बड़ी ही खुशी के साथ मनाया जाने लगा.

ईस्टर फेस्टिवल के तथ्य – Easter History in Hindi

Easter History in Hindi

ईस्टर केर तथ्य से हमारा तात्पर्य है की ईस्टर एक एसा त्यौहार है जो की खुद बड़ा महत्व रखता है और जिसकी अपनी एक सच्ची कहानी है पौराणिक कथा है|

भगवान यीशु जो की क्रिस्चन समुदाय के भगवान है ईश्वर है उनकी कब्र पर बसंत ऋतु द्वारा उगाये गए फूल ये साफ साफ जाहिर करते हैं की भगवान यीशु दुबारा जन्म जी उठे हैं.

विश्व में गुड फ्राइडे व् ईस्टर सेलिब्रेशन – Easter Festival Celebration in world

संसार में गुड फ्राइडे का महत्व और ईस्टर का महत्व बहुत है और इस त्यौहार को पुरे विश्व में बड़ी ही खुशी के साथ बने जाता है|

भारत की स्वतंत्रता से पहले से ही गुड फ्राइडे और ईस्टर को माने जा रहा है|

ब्रिटिश काल से ब्रिटीशियंस इस त्यौहार को मनाते हैं, एक अनुमान के तहत जब भारत के कुल 2% लोग क्रिश्चन थे तब से ही इस त्यौहार को मनाया जाता रहा है.

गुड-फ्राइडे को शांति के साथ मनाया जाता है, और ईस्टर के दिन बड़ी ही धूम धाम से इस त्यौहार को मनाया जाता है, ज्यादातर इसाई लोग मुंबई, गोवा, में मिलते हैं मगर ऐसा जरुरी नहीं है ये तो बस एक अनुमान है, इसाई इस दिन कहीं भी रहे मगर अपने चर्च में जाना नहीं भूलते हैं.

चर्च में लोग गुड फ्राइडे के दिन मोमबत्ती नहीं जलाते है और शोक मानते हैं मगर ईस्टर वाले दिन लोग एक दुसरे के घर जा कर त्यौहार सेलिब्रेट करते हैं एक दुसरे को गिफ्ट देते हैं, इस त्यौहार में अपने धर्म से सम्बंधित गीत गाते हैं, प्रर्थना करते है कई कई जगह तो नृत्य और कार्यकर्म होते हैं.

एक दुसरे को गिफ्ट्स, फ्लावर्स, कार्डस, चॉकलेट, केक आदि देकर त्यौहार को मनाते है, लंच-डिनर साथ में करते हैं, पुरे विश्व में क्रिश्चयन लोग इस त्यौहार को मनाना नहीं भूलते फिर चाहे क्रिश्चयन लोग-ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, इटली, ब्राजील, इंग्लैंड, कनाडा इत्यादि जैसे सभी देशों में रह रहे हो.

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